भारत में 7 नवंबर को राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस मनाया जाता है। इस मौके पर सामने आए आंकड़े गुजरात के लिए चिंता बढ़ाने वाले हैं। राज्य में 2021 से 2025 के बीच 3.76 लाख से ज्यादा कैंसर मामले दर्ज हुए और 2.06 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हुई।
पांच साल में बढ़ते मामले
गुजरात में कैंसर के सालाना मामले 2021 में 71,507 से बढ़कर 2025 में 78,217 हो गए। 2025 में हर दिन औसतन करीब 206 नए मामले सामने आए। यह बढ़ोतरी बताती है कि राज्य में कैंसर का बोझ लगातार बढ़ रहा है।
2025 में 43,502 मौतें
साल 2025 में गुजरात में कैंसर से 43,502 मौतें हुईं। इस मामले में गुजरात राज्यों में सातवें स्थान पर रहा। उससे आगे उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल रहे। मौतों का यह आंकड़ा राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती है।
अहमदाबाद सिविल अस्पताल के आंकड़े
अहमदाबाद सिविल अस्पताल के कैंसर केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में पंजीकरण कराने वालों में करीब 60 फीसदी पुरुष थे। पुरुषों में मुंह का कैंसर सबसे आम पाया गया, जबकि महिलाओं में स्तन कैंसर सबसे आम रहा। यह जानकारी इलाज और जांच की दिशा तय करने में मदद करती है।
जागरूकता और जांच की जरूरत
राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस का मकसद लोगों को कैंसर के लक्षणों, जांच और इलाज के बारे में जागरूक करना है। समय पर जांच से बीमारी का पता शुरुआती दौर में चल सकता है, जिससे इलाज आसान हो जाता है। गुजरात में बढ़ते मामलों के बीच गांवों और शहरों में जांच शिविरों की अहमियत बढ़ गई है।
बढ़ता बोझ, बढ़ती चुनौती
पांच साल के आंकड़े बताते हैं कि गुजरात में कैंसर के मामले और मौतें दोनों बढ़ रही हैं। हर दिन 206 नए मामलों का औसत इस बात का संकेत है कि रोकथाम, जांच और इलाज की सुविधाओं को और मजबूत करने की जरूरत है।