ओडिशा हाईकोर्ट ने हॉकी इंडिया के चुनाव पर रोक लगा दी है। चुनाव 5 दिसंबर को होने थे। कोर्ट ने हॉकी ओडिशा को जारी कारण बताओ नोटिस पर भी रोक लगा दी है। यह नोटिस राज्य संस्था को स्थायी सदस्यता से सहयोगी सदस्यता में घटाने के प्रस्ताव को लेकर जारी किया गया था।

जस्टिस आर के पटनायक का अंतरिम आदेश

जस्टिस आर के पटनायक की एकल पीठ ने यह अंतरिम आदेश दिया। पीठ हॉकी एसोसिएशन ऑफ ओडिशा की ओर से दायर रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी। कोर्ट ने चुनाव और कारण बताओ नोटिस दोनों पर रोक लगाते हुए मामले की अगली सुनवाई 9 दिसंबर को तय की है।

हॉकी ओडिशा की सदस्यता का मामला

हॉकी इंडिया ने हॉकी ओडिशा को कारण बताओ नोटिस जारी किया था, जिसमें राज्य संस्था की सदस्यता को स्थायी से घटाकर सहयोगी करने का प्रस्ताव था। हॉकी एसोसिएशन ऑफ ओडिशा ने इस नोटिस और चुनाव को कोर्ट में चुनौती दी थी। कोर्ट ने दोनों पर रोक लगा दी है।

हॉकी इंडिया में सत्ता संघर्ष

यह आदेश ऐसे समय में आया है जब हॉकी इंडिया में सत्ता संघर्ष चल रहा है। हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप तिर्की और महासचिव भोला नाथ सिंह के बीच मतभेद की खबरें सामने आ रही हैं। इस संघर्ष के बीच चुनाव पर रोक लगना हॉकी इंडिया के कामकाज के लिए अहम माना जा रहा है।

9 दिसंबर को अगली सुनवाई

मामले की अगली सुनवाई 9 दिसंबर को होगी। तब तक चुनाव और कारण बताओ नोटिस पर लगी रोक जारी रहेगी। कोर्ट के फैसले के बाद ही हॉकी इंडिया के चुनाव की आगे की तारीख तय हो पाएगी।

भारतीय हॉकी पर असर

हॉकी इंडिया देश में हॉकी के संचालन की सबसे बड़ी संस्था है। चुनाव पर रोक लगने से संस्था के कामकाज और फैसलों पर असर पड़ सकता है। 9 दिसंबर की सुनवाई पर सबकी नजर रहेगी।