अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अगर उन्होंने ईरान को परमाणु हथियार बनाने से नहीं रोका होता तो इजरायल और पूरा मिडिल ईस्ट आज नहीं होता। उन्होंने यह दावा शुक्रवार को अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर किया।

ट्रंप का दावा क्या है

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि इजरायल और पूरा मिडिल ईस्ट आज नहीं होता अगर उन्होंने ईरान को परमाणु हथियार बनाने से नहीं रोका होता। उनका यह दावा ऐसे समय में आया है जब वॉशिंगटन में ईरान के खिलाफ दोबारा सैन्य कार्रवाई पर विचार चल रहा है।

राष्ट्रीय सुरक्षा टीम से मुलाकात

ट्रंप ने इस हफ्ते बुधवार और गुरुवार को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम से मुलाकात की थी। इन बैठकों में ईरान को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। ट्रंप का दावा इन्हीं चर्चाओं के बीच सामने आया है।

ईरान के परमाणु कार्यक्रम की स्थिति

ईरान के परमाणु कार्यक्रम की मौजूदा स्थिति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। अक्टूबर में प्रकाशित कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस के आकलन में कहा गया है कि अमेरिकी हमलों से ईरान के परमाणु कार्यक्रम को कितना नुकसान पहुंचा, यह साफ नहीं है।

ईरान का पक्ष

ईरान ने लगातार इस बात से इनकार किया है कि वह परमाणु हथियार बनाना चाहता है। ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण है। ईरान ने कई बार कहा है कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाना चाहता।

आगे क्या होगा

वॉशिंगटन में ईरान के खिलाफ दोबारा सैन्य कार्रवाई पर विचार चल रहा है। ट्रंप के दावे और ईरान के इनकार के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर तनाव बना हुआ है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और बयान सामने आ सकते हैं।