नॉर्थ कैरोलिना की सीनेट सीट का नतीजा चुनाव की रात ही साफ हो गया था। डेमोक्रेट रॉय कूपर ने इस सीट पर जीत दर्ज की है, जिसे मिडटर्म चुनाव की सबसे अहम सीटों में गिना जा रहा था।

अंतिम नतीजा और वोटों का अंतर

अंतिम नतीजों में कूपर को 2,462,277 वोट मिले, जबकि व्हाटली को 1,640,020 वोट मिले। करीब 99.96 प्रतिशत मतदान केंद्रों की रिपोर्टिंग के बाद कूपर करीब 60 प्रतिशत वोटों के साथ आगे थे और व्हाटली को करीब 40 प्रतिशत वोट मिले थे।

यह सीट चुनाव की रात तीन नवंबर को करीब 8 बजकर 23 से 24 मिनट पर कूपर के पक्ष में घोषित कर दी गई थी। शुरुआती नतीजों में कूपर करीब 66.8 प्रतिशत वोटों से आगे थे, जबकि व्हाटली को 31.6 प्रतिशत वोट मिले थे। गिनती पूरी होने के साथ यह अंतर कुछ कम हुआ, लेकिन कूपर की बढ़त कभी खतरे में नहीं पड़ी।

यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि कूपर 2008 के बाद नॉर्थ कैरोलिना से सीनेट के लिए चुने जाने वाले पहले डेमोक्रेट हैं। इस राज्य ने 2016, 2020 और 2024 के राष्ट्रपति चुनावों में ट्रंप को वोट दिया था, इसलिए डेमोक्रेट की जीत को पार्टी के लिए एक बड़ा संकेत माना जा रहा है।

कूपर और व्हाटली, दोनों की पृष्ठभूमि

कूपर 69 साल के हैं और नॉर्थ कैरोलिना के दो कार्यकाल के पूर्व गवर्नर रह चुके हैं। वह 2017 से 2025 तक गवर्नर रहे और इससे पहले राज्य के अटॉर्नी जनरल थे। राज्य की राजनीति में वह 1986 से हैं, जब वह पहली बार राज्य हाउस के लिए चुने गए थे।

अपने चुनाव प्रचार में कूपर ने खाने, ऊर्जा, आवास और स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती कीमतों का मुद्दा उठाया था। जीत के भाषण में उन्होंने वाशिंगटन में फैली अराजकता और भ्रष्टाचार का जिक्र किया और स्वास्थ्य सेवाओं, आवास और किराने के सामान को सस्ता करने पर काम करने का वादा किया।

व्हाटली रिपब्लिकन नेशनल कमेटी के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं और उन्हें ट्रंप का चुना हुआ उम्मीदवार माना जा रहा था। उन्होंने नॉर्थ कैरोलिना में ट्रंप के साथ प्रचार भी किया था, लेकिन वह कभी किसी चुने हुए पद पर नहीं रहे हैं।

चुनाव से पहले के सर्वेक्षणों में व्हाटली कूपर से पीछे चल रहे थे। ईस्ट कैरोलिना यूनिवर्सिटी के अंतिम सर्वे में कूपर नौ अंकों से आगे थे। अक्टूबर में एक बड़े रिपब्लिकन सुपर पीएसी ने नॉर्थ कैरोलिना से अपना पैसा भी वापस ले लिया था।

सीनेट की गणित और साउथ कैरोलिना का नतीजा

यह सीट इसलिए खाली हुई थी क्योंकि रिपब्लिकन सीनेटर थॉम टिलिस ने तीसरे कार्यकाल के लिए चुनाव लड़ने के बजाय रिटायर होने का फैसला किया था। टिलिस ने राष्ट्रपति की टैक्स और खर्च कानून में मेडिकेड कटौती के मुद्दे पर ट्रंप से अलग रुख अपनाया था।

सीनेट की गणित में चुनाव की रात रिपब्लिकन के पास 53-47 का बहुमत था, इसलिए डेमोक्रेट्स को नियंत्रण के लिए कुल चार सीटों का शुद्ध लाभ चाहिए था। कूपर की जीत एक सीट का लाभ थी और अकेली यह जीत बहुमत नहीं दिलाती है।

सीनेट में एक और बड़ी जीत साउथ कैरोलिना में हुई है, जहां डेमोक्रेट एनी एंड्रयूज ने जीत दर्ज की है। वह 1998 के बाद साउथ कैरोलिना से सीनेट सीट जीतने वाली पहली डेमोक्रेट हैं और उन्होंने ट्रंप समर्थित उम्मीदवार डारलीन ग्राहम को हराया है।