रायपुर: पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 41 गेंदों पर नाबाद 91 रन की पारी खेलकर भारतीय महिला टीम को मंगलवार को तीसरे T20I में जिम्बाब्वे पर 92 रन की जीत दिलाई, जिससे सीरीज 3-0 से भारत के नाम हुई। यह महिला T20I में भारत की घर पर रनों के हिसाब से सबसे बड़ी जीत है। नई कप्तान स्मृति मंधाना के लिए भी यह खास रहा, क्योंकि कप्तानी संभालने के बाद यह उनकी पहली सीरीज थी और टीम ने एक भी मैच नहीं गंवाया।
हरमनप्रीत की पारी से बना रिकॉर्ड स्कोर
भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट पर 216 रन बनाए, जो इस प्रारूप में भारत का संयुक्त तीसरा सबसे बड़ा स्कोर है। हरमनप्रीत की पारी में 10 चौके और 5 छक्के शामिल रहे, उनका स्ट्राइक रेट करीब 222 रहा और अर्धशतक महज 25 गेंदों में पूरा हुआ। आखिरी पांच ओवरों में भारत ने 62 रन बटोरे और स्कोर जिम्बाब्वे की पहुंच से बाहर चला गया।
शैफाली वर्मा ने 69 रन बनाकर पारी को मजबूत शुरुआत दी। जिम्बाब्वे की ओर से बिलव्ड बिजा ने 3 विकेट लेकर सबसे सफल गेंदबाजी की। मैच में कुल 15 छक्के लगे, जिनमें 11 भारत के थे, जो महिला T20I में संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा हैं।
जिम्बाब्वे की पारी लक्ष्य से काफी पीछे रही
जिम्बाब्वे की शुरुआत ही बिगड़ गई, केलिस न्धलोवु पारी की पहली ही गेंद पर आउट हो गईं। शार्न मेयर्स (60) और बिजा (44) ने तीसरे विकेट के लिए 82 रन जरूर जोड़े, लेकिन जरूरी रन रेट लगातार बढ़ता गया और मुकाबला काफी पहले ही एकतरफा हो गया।
जिम्बाब्वे 7 विकेट पर 124 रन ही बना सका। भारत की ओर से नंदनी शर्मा ने 18 रन देकर 3 विकेट लिए। 92 रन की इस जीत ने भारत का पिछला घरेलू रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया, जो 2016 में बेंगलुरु में बांग्लादेश पर मिली 72 रन की जीत थी। पूरी सीरीज में भारत हर मैच में जिम्बाब्वे पर भारी रहा।
यह पारी हरमनप्रीत के लिए निजी तौर पर क्यों खास थी
इस पारी के साथ हरमनप्रीत की निजी कहानी भी जुड़ी थी। 37 साल की हरमनप्रीत इसी महीने कप्तानी छोड़ चुकी हैं और इस मैच से पहले आठ पारियों से अर्धशतक नहीं बना पाई थीं। पारी के बीच इंटरव्यू में वे भावुक होकर रो पड़ी थीं।
मैच के बाद उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि अब कोई दबाव है। अब बस मैदान पर खुद का आनंद लेना है। मैं बस अपनी बल्लेबाजी का आनंद लेना चाहती हूं और अच्छा हुआ कि रन आए।" उन्होंने अपने बल्लेबाजी कोच को भी श्रेय दिया, "बैट स्विंग ही मेरी कुंजी है और मैं बस नेट्स में यही दोहराना चाहती हूं।"
कप्तान मंधाना ने खुद बल्लेबाजी का क्रम पीछे रखकर मध्यक्रम को मौका दिया और टीम की गहराई पर संतोष जताया। उन्होंने भारत के बढ़ते गेंदबाजी विकल्पों पर कहा, "जितने ज्यादा विकल्प, उतना बेहतर।"
शैफाली को फटकार, अब दौरा वडोदरा जाएगा
दूसरी ओर, ICC ने बुधवार को शैफाली वर्मा को फटकार लगाई। दूसरे T20I में कैच छूटने के बाद गेंद जमीन पर फेंकने के लिए उन्हें लेवल-1 उल्लंघन में एक डिमेरिट अंक मिला है। उन्होंने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।
दौरा अब वनडे चरण में जाएगा। 23 अक्टूबर, शुक्रवार से वडोदरा के कोटाम्बी स्टेडियम में तीन मैचों की ODI सीरीज शुरू होगी। इसके आगे भारत की नजर फरवरी 2027 में होने वाली पहली महिला T20 Champions Trophy पर है, जिसकी मेजबानी मुंबई और वडोदरा करेंगे।