पैराग्वे में पेड्रो अलियाना ने देश के 53वें राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ली है। उनसे पहले राष्ट्रपति सैंटियागो पेन्या को सीनेट ने महाभियोग से हटा दिया। यह कार्रवाई यूएनो बैंक के डूबने के मामले में हुई। पेन्या को हटाए जाने के बाद अलियाना ने राष्ट्रपति पद संभाला है।
सीनेट ने पेन्या को हटाया
शुक्रवार 6 नवंबर को सीनेट ने राष्ट्रपति सैंटियागो पेन्या को पद से हटाने के लिए वोट किया। मौजूद सभी 44 सीनेटरों ने हटाने के पक्ष में वोट दिया। पेन्या 1989 में लोकतंत्र की वापसी के बाद महाभियोग से हटाए जाने वाले पैराग्वे के दूसरे राष्ट्रपति बने।
पेन्या नजरबंद, पूर्व केंद्रीय बैंक प्रमुख के खिलाफ वारंट
पेन्या को हटाए जाने के बाद अभियोजकों ने उन्हें भरोसा तोड़ने, प्रभाव का दुरुपयोग करने और सार्वजनिक पद का निजी फायदे के लिए इस्तेमाल करने के शक में नजरबंद कर दिया। पूर्व केंद्रीय बैंक प्रमुख कार्लोस कार्वालो के खिलाफ भी गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है।
अलियाना का कार्यकाल अगस्त 2028 तक
पेड्रो अलियाना 52 साल के हैं और वे अगस्त 2028 में खत्म होने वाला कार्यकाल पूरा करेंगे। उन्होंने बैंक के डूबने से अपनी बचत से वंचित हुए जमाकर्ताओं को मुआवजा देने का वादा किया है। बैंक के डूबने से हजारों जमाकर्ता अपनी रकम नहीं निकाल पा रहे थे।
बैंक घोटाले से सियासी संकट
यूएनो बैंक के डूबने से पैराग्वे में सियासी संकट खड़ा हो गया था। बैंक के प्रबंधन में गड़बड़ी के आरोपों के बाद सीनेट ने राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया शुरू की थी। पेन्या को हटाए जाने के बाद देश में नई सरकार का गठन हुआ है।
आगे क्या होगा
अलियाना के सामने बैंक संकट से जूझ रहे जमाकर्ताओं को राहत देना और देश की अर्थव्यवस्था को संभालना बड़ी चुनौती है। उन्होंने जमाकर्ताओं को मुआवजा देने का वादा किया है, जिस पर अब सबकी नजर रहेगी।