घरेलू क्रिकेट में मिजोरम के बल्लेबाज चिन्मय सुतार ने ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसकी चर्चा अब पूरे क्रिकेट जगत में हो रही है। अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ 175 रन की पारी खेलते ही सुतार ने पहले पांच प्रथम श्रेणी पारियों में सबसे ज्यादा रन बनाने का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। यह रिकॉर्ड 103 साल से अटूट था।
मिजोरम के 29 वर्षीय बल्लेबाज चिन्मय सुतार इस समय घरेलू क्रिकेट में लंबी और निरंतर पारियों से इतिहास रच रहे हैं। नागालैंड के खिलाफ नाबाद 400 रन की पारी के बाद उन्होंने अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ 175 रन बनाए। इसी पारी के साथ वह अपनी पहली पांच प्रथम श्रेणी पारियों में 834 रन तक पहुंच गए, जो विश्व रिकॉर्ड है।
इससे पहले यह रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के पूर्व महान बल्लेबाज बिल पोंसफोर्ड के नाम था, जिन्होंने 1921 से 1923 के बीच अपनी पहली पांच पारियों में 724 रन बनाए थे। सुतार ने इस रिकॉर्ड को 110 रन के बड़े अंतर से पीछे छोड़ दिया। पोंसफोर्ड का रिकॉर्ड 103 साल तक कायम रहा था।
अगली पारी में शून्य पर भी रिकॉर्ड बरकरार
सुतार का रिकॉर्ड इतना मजबूत है कि अगर वह अपनी अगली पारी में शून्य पर भी आउट हो जाएं, तब भी वह पहली छह प्रथम श्रेणी पारियों में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम रखेंगे। उन्होंने अफगानिस्तान के बशीर शाह के 831 रन को भी पीछे छोड़ दिया है।
रणजी ट्रॉफी में डेब्यू सीजन का सफर
सुतार ने इसी सीजन में रणजी ट्रॉफी में डेब्यू किया है। मणिपुर के खिलाफ उन्होंने 35 और 99 रन बनाए थे। इसके बाद नागालैंड के खिलाफ नाबाद 400 रन, मेघालय के खिलाफ 125 रन और अब अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ शतक लगाया। इस तरह उन्होंने अपने पहले ही सीजन में 834 रन बना लिए हैं।
इस सीजन में अब तक उनका औसत 208.50 का रहा है, जो उनकी निरंतरता को दिखाता है। लंबी पारियां खेलना और हर मैच में टीम के लिए बड़ा योगदान देना ही उनकी सबसे बड़ी पहचान बन गई है।
29 साल की उम्र में रिकॉर्ड का मतलब
29 साल से ज्यादा की उम्र में ऐसे बड़े रिकॉर्ड बनाना सुतार की कड़ी मेहनत को दिखाता है। भारतीय टीम में जगह बनाना कभी आसान नहीं होता, लेकिन जिस तरह उन्होंने अपने प्रथम श्रेणी करियर की शुरुआत की है, उसने चयनकर्ताओं को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
घरेलू क्रिकेट में इस तरह की शुरुआत बहुत कम बल्लेबाजों को नसीब होती है। अब सबकी नजरें इस बात पर होंगी कि सुतार इस लय को आगे कितने समय तक बनाए रखते हैं और क्या वह इसी तरह बड़े स्कोर बनाते रहते हैं।