गाजियाबाद की वसुंधरा पुलिस चौकी में हुए जोरदार धमाके के मामले में FIR दर्ज कर ली गई है। शनिवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और जांच की।
पुलिस के मुताबिक, धमाका शुक्रवार 6 नवंबर की रात करीब 10:50 बजे चौकी के पिछले हिस्से में हुआ था। धमाके से चौकी के कमरों की दीवारों में दरारें पड़ गईं और खिड़कियों के शीशे टूट गए। कमरों में रखा सामान भी क्षतिग्रस्त हो गया।
चौकी में तैनात एक पुलिसकर्मी की शिकायत पर यह FIR दर्ज की गई है। मामले में एक्सप्लोसिव एक्ट, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की अलग-अलग धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
NIA की टीम ने मौके पर पहुंचकर की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए NIA की टीम भी शनिवार को वसुंधरा पुलिस चौकी पहुंची। टीम ने घटनास्थल का जायजा लिया और धमाके से जुड़े तथ्यों की जांच की।
धमाके की वजह और इसमें इस्तेमाल सामग्री को लेकर जांच जारी है। जांच एजेंसियां धमाके से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।
चौकी के अंदर हुआ नुकसान
धमाके की वजह से चौकी के कमरों की दीवारों में दरारें पड़ गईं। वाशरूम और अन्य कमरों की खिड़कियों के शीशे टूट गए और कमरों में रखा सामान क्षतिग्रस्त हो गया।
चौकी की इमारत को हुए नुकसान को लेकर पुलिस ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित धाराएं भी लगाई हैं। पुलिस के ब्योरे में किसी के हताहत होने का कोई आंकड़ा नहीं दिया गया है।
जिम्मेदारी के दावे की खबर
एक अलग रिपोर्ट में कहा गया है कि तहरीक-उल-मुजाहिदीन हिंदुस्तान नाम के संगठन ने धमाके की जिम्मेदारी ली है। पुलिस ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है। धमाके की वजह और इसमें इस्तेमाल सामग्री को लेकर जांच जारी है।
FIR दर्ज होने और NIA के शामिल होने के बाद अब जांच इस बात पर केंद्रित होगी कि विस्फोटक सामग्री किसने रखी और वह पुलिस चौकी के पिछले हिस्से तक कैसे पहुंची। जांच एजेंसियों से और जानकारी का इंतजार है।