बिहार के नवादा में पुलिस ने एक बाइक और एक बोलेरो वाहन से करीब 260 लीटर अवैध शराब बरामद की है। इस मामले में रोहन साव और मोहम्मद असलम उर्फ रफीक नाम के दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस के मुताबिक, बोलेरो को जांच के लिए रोका गया था। जांच में बोलरो की छत पर एक गुप्त तहखाना मिला, जिसमें अंग्रेजी शराब के कार्टन रखे थे।

कानूनी प्रक्रिया के तहत शराब को जब्त कर लिया गया है। पुलिस ने कानूनी आरोप में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और छह तहखाना गैंग के बारे में जांच जारी है।

उत्पाद विभाग का कहना है कि शराब की खेप रजौली से लाई गई थी। शराब को नशे का इस्तेमाल करके ले जा रहे थे, यह शराबबंदी के दौरान शराब को ले जाने का एक नया तरीका है। उत्पाद विभाग ने बताया है कि जिस तरीके में शराब को बोलेरो की छत में छिपाकर ले जाया जा रहा था वह 'पुष्पा' स्टाइल वाली तस्करी का एक उदाहरण है।

कहां हुई गिरफ्तारी?

नवादा की पुलिस को सात नवंबर की रात करीब 10 बजे रजौली तपोवन से शराब की खेप ले जाए जाने की सूचना मिली थी। उसी दिन पुलिस ने सात नवंबर को छापेमारी की। इस बीच दोनों आरोपी शराब को पंडारु रामपुर के रास्ते से नवादा के पिच्छूकर सोसो रोड की तरफ ले जा रहे थे। सचिन सिंह के अनुसार, आरोपियों के मुताबिक, शराब का स्रोत देसुवा क्रॉसिंग के पास से था।

शराब छिपाने का तरीका क्या था?

पुलिस ने बताया कि बाइक की खिड़की (चालक की बगल में बनाई धार) को बोलेरो की छत में गुप्त तहखाने के पास ले जाया गया था। वह दृश्य था, जिसमें बोलेरो की छत में बना तहखाना है, उसके कारण बोलेरो का एक हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया। पुलिस ने बताया है कि बोलरो की छत में शराब छिपाकर ले जाने का तरीका महावीर बार शराब को भरने के तकनीक से जुड़ा है।

वहीं, पुलिस को सूचना मिली है कि शराब का कारोबारी कानून/कानूनी प्रक्रिया से भाग रहा है। उत्पाद विभाग के अनुमान के अनुसार, 260 लीटर शराब के मामले में कुल 160 कार्टन शराब की बरामदगी हुई। इस मामले में कुल बिल में 1 लाख 60 हजार की शराब बरामद की गई है। पुलिस ने बताया है कि इस मामले में की जा रही कानूनी प्रक्रिया को लक्ष्मी के टोकन से जोड़ा गया है। पुलिस ने बताया है कि दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और शराब बनाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।