रूस ने कीव पर 36 मिसाइल और 172 ड्रोन दागे, जिसमें नौ लोग घायल हुए और दो की मौत हो गई। यह हमला अबू धाबी में होने वाली शांति वार्ता से पहले हुआ है, जिसमें अमेरिका के मध्यस्थ भी शामिल होंगे।
हमला रात भर चला, और कीव के साथ 12 क्षेत्रों में मिसाइलें और ड्रोन दागे गए। यूक्रेन के अधिकारियों ने कहा कि 36 मिसाइलों में से केवल चार को ही रोका जा सका, क्योंकि देश के पास पैट्रियट इंटरसेप्टर की कमी है।
हमले में घरों और वाणिज्यिक इमारतों को नुकसान पहुंचा, बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित हुई, और नॉर्दर्न ब्रिज को बंद कर दिया गया। घायलों में एक बच्चा भी शामिल है।
उत्तर कोरियाई मिसाइलों का इस्तेमाल
यूक्रेन के अधिकारियों ने कहा कि हमले में इस्तेमाल की गई मिसाइलों में उत्तर कोरियाई निर्मित KN-23 मिसाइलें भी शामिल थीं। यह पहली बार नहीं है जब रूस ने यूक्रेन पर हमले में उत्तर कोरियाई हथियारों का इस्तेमाल किया है।
रूस ने कहा कि उसने 10 क्षेत्रों में 411 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए, और बेलगोरोड के ग्रेवोरोन में एक व्यक्ति की मौत हो गई।
हमले के बाद कीव में आपातकालीन सेवाएं राहत कार्य में जुट गईं। बिजली और पानी की आपूर्ति बहाल करने के लिए मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया, और प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई।
अबू धाबी में शांति वार्ता
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब रूस और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता का चौथा दौर अबू धाबी में मंगलवार और बुधवार को होने वाला है। यह वार्ता ट्रंप प्रशासन की मध्यस्थता में हो रही है, और पिछला दौर फरवरी में जिनेवा में हुआ था।
रूस के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व व्लादिमीर मेदिंस्की कर रहे हैं, जिसमें सर्गेई रयाबकोव पहली बार शामिल हो रहे हैं, और जनरल झिगार्लोव्स्की भी शामिल हैं। यूक्रेन के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व रुस्तम उमेरोव और किरिलो बुदानोव कर रहे हैं। अमेरिका की ओर से स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर शामिल होंगे।
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि दिमित्रीव से मुलाकात के बाद उन्हें लगता है कि समझौता जल्द हो सकता है। लेकिन कीव पर हमले ने वार्ता से पहले तनाव बढ़ा दिया है, और यह देखना होगा कि क्या वार्ता में कोई प्रगति होती है।
युद्ध का असर
युद्ध के चलते यूक्रेन के शहरों में बिजली और पानी की आपूर्ति बार-बार बाधित हो रही है। कीव में लोगों को सर्दियों के मौसम में बिना बिजली के रहना पड़ रहा है, और अस्पतालों में आपातकालीन व्यवस्था की गई है।
रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध 2022 से चल रहा है, और अब तक लाखों लोग विस्थापित हो चुके हैं। शांति वार्ता के कई दौर हो चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई स्थायी समझौता नहीं हो पाया है।
अबू धाबी वार्ता से पहले हुआ यह हमला दोनों पक्षों के बीच अविश्वास को और बढ़ाता है। वार्ता में शामिल होने वाले देशों की नजर इस बात पर होगी कि क्या इस बार कोई ठोस प्रगति हो पाती है।