पोप लियो ने उरुग्वे में वर्जिन ऑफ द थर्टी-थ्री के पर्व पर प्रार्थना सभा में भाग लिया। यह उनकी लैटिन अमेरिका की पहली यात्रा का हिस्सा है, और वे अब अर्जेंटीना की यात्रा पर रवाना हो रहे हैं।
पोप लियो 6 नवंबर को मोंटेवीडियो पहुंचे थे, जहां उनका 13.5 घंटे की उड़ान के बाद स्वागत किया गया। वे 71 वर्ष के हैं, और 13 अक्टूबर को उनके दाहिने फेफड़े के निचले हिस्से को हटाने की सर्जरी हुई थी, जिसमें स्थानीयकृत फेफड़े का कैंसर पाया गया था। उन्हें आगे कोई कैंसर का इलाज नहीं दिया जा रहा है।
पोप ने पत्रकारों से कहा कि उन्हें यकीन था कि यह यात्रा आगे बढ़नी चाहिए, और वे काफी अच्छी स्थिति में हैं। उनकी 12 दिन की यात्रा 6 से 17 नवंबर तक चलेगी, जिसमें उरुग्वे, अर्जेंटीना और पेरू शामिल हैं।
उरुग्वे में कार्यक्रम
7 नवंबर को पोप ने पायसांदु में एक विशाल प्रार्थना सभा में भाग लिया, जिसमें 30,000 लोगों के शामिल होने की उम्मीद थी। उन्होंने कासावाले का दौरा किया और सेंटेनारियो स्टेडियम में 60,000 लोगों की प्रार्थना सभा में भाग लिया।
रविवार, 8 नवंबर को पोप फ्लोरिडा, उरुग्वे में वर्जिन ऑफ द थर्टी-थ्री के पर्व पर प्रार्थना सभा में भाग ले रहे हैं, और फिर अर्जेंटीना के लिए रवाना हो रहे हैं। अर्जेंटीना में वे 8 से 11 नवंबर तक रहेंगे।
यह उरुग्वे की पहली पोप यात्रा है, जो 1988 के बाद पहली बार हो रही है। उरुग्वे में कैथोलिक समुदाय के लिए यह एक ऐतिहासिक क्षण है, क्योंकि देश में पोप की यात्रा 38 साल बाद हो रही है।
पेरू से गहरा संबंध
पोप लियो का पेरू से गहरा संबंध है, जहां उन्होंने दो दशक तक मिशनरी और बिशप के रूप में सेवा की। पेरू यात्रा इस दौरे का मुख्य आकर्षण होगी, क्योंकि वहां के लोग उन्हें अपना मानते हैं।
पोप की यात्रा के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। उरुग्वे में हजारों पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, और प्रार्थना सभाओं में शामिल होने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
पोप लियो की यह यात्रा लैटिन अमेरिका के कैथोलिक समुदाय के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह क्षेत्र दुनिया के सबसे बड़े कैथोलिक समुदायों में से एक है। उनकी यात्रा से क्षेत्र में कैथोलिक धर्म को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।
आगे का कार्यक्रम
अर्जेंटीना के बाद पोप पेरू जाएंगे, जहां वे कई शहरों का दौरा करेंगे और प्रार्थना सभाओं में भाग लेंगे। उनकी यात्रा 17 नवंबर को समाप्त होगी, जब वे वेटिकन लौटेंगे।
पोप की सेहत को लेकर चिंता थी, लेकिन उन्होंने कहा है कि वे यात्रा के लिए तैयार हैं। उनके डॉक्टरों ने भी यात्रा को मंजूरी दी है, और यात्रा के दौरान उनकी सेहत पर नजर रखी जा रही है।