शनिवार दोपहर जामनगर में गुरुद्वारा चौकड़ी के पास जर्जर अपार्टमेंट की बालकनी गिरने से एक महिला की मौत हो गई। हादसा दोपहर करीब 12:30 बजे आर.टी. जडेजा फ्लैट्स में हुआ, और इसने पीड़िता के परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। इलाके भर में शोक फैल गया।

मृतका की पहचान 35 से 40 वर्षीय वर्षाबा अभिजीतसिंह जडेजा के रूप में हुई। वह दूसरी मंजिल की बालकनी पर खड़ी थीं, तभी ढांचा अचानक तेज आवाज के साथ ढह गया। वह मलबे के साथ नीचे गिरीं और उसके नीचे दब गईं, जिससे पूरे मोहल्ले में दहशत फैल गई।

मलबे के नीचे बचाव

दोपहर 12:30 बजे आपातकालीन कॉल मिलते ही जामनगर दमकल विभाग ने तुरंत बचाव दल मौके पर भेजा। दमकल अधिकारी अनवर गज्जन ने कहा कि आपातकालीन कर्मियों ने भारी मलबा हटाकर महिला को बाहर निकालने के लिए कठिन परिस्थितियों में काम किया।

बचावकर्मी उन्हें तुरंत पास के जी.जी. अस्पताल ले गए। हालांकि इलाज शुरू होने से पहले ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

दमकल विभाग की तेज प्रतिक्रिया भी नतीजा नहीं बदल सकी। ढहे हुए ढांचे के वजन और गिरने से उन्हें जानलेवा चोटें आई थीं, और अस्पताल केवल मौत की पुष्टि कर सका।

असुरक्षित ढांचा गिराया गया

इस जानलेवा हादसे के बाद दमकल कर्मियों ने इमारत की बालकनी के बचे हुए अस्थिर हिस्सों को गिराने का एहतियाती काम शुरू किया। अधिकारियों ने सुरक्षा खतरे को खत्म करने और इलाके के निवासियों व राहगीरों को आगे के हादसों से बचाने के लिए नियंत्रित तरीके से ढांचा हटाया।

अस्थिर हिस्सों को गिराना सीधे तौर पर उस जोखिम का जवाब था जो इमारत अब भी पैदा कर रही थी। एक बालकनी पहले ही गिर चुकी थी, इसलिए बचे हुए ढांचे को रोज इस्तेमाल होने वाली गली के ऊपर खड़ा नहीं छोड़ा जा सकता था।

इस हादसे ने शहर की पुरानी आवासीय इमारतों की हालत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रोज इस्तेमाल होने वाली एक बालकनी बिना किसी चेतावनी के गिर गई, और यह हादसा दिखाता है कि कमजोर ढांचा कितनी जल्दी जानलेवा बन सकता है।

परिवार के लिए यह नुकसान शनिवार दोपहर बिना किसी चेतावनी के आया। बचाव कार्य चलते समय पड़ोसी मौके पर जमा हो गए, और मलबा हटाए जाने के काफी देर बाद तक गली में भीड़ बनी रही।