ब्लॉकचेन एनालिटिक्स कंपनी Chainalysis ने कहा है कि वह एक साइबर सुरक्षा घटना का शिकार हुई है, जिसमें बाहरी तत्व ने उसके कुछ सिस्टम और आंतरिक टूल तक पहुंच बना ली और गैर-संवेदनशील ग्राहक डेटा लीक हो गया। कंपनी ने शुक्रवार को एक ब्लॉग पोस्ट में इसका खुलासा किया और कहा कि अब तक की जांच में जांच कंटेंट, ऑथेंटिकेशन क्रेडेंशियल या सेशन टोकन तक अनधिकृत पहुंच का कोई सबूत नहीं मिला है।
लीक हुए डेटा में प्लेटफॉर्म पर बनाए गए यूजर्स के यूजर आईडी, पूरे नाम, ईमेल पते और संगठन में उनकी भूमिका के लेबल शामिल हैं, जिनमें ग्राहक संगठनों और उनके यूजर्स से जुड़ी जानकारी भी है। Chainalysis ने कहा है कि उसने बाहरी साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों को जांच में लगाया है और अपनी सुरक्षा की समीक्षा और उसे मजबूत करने के लिए लार्ज लैंग्वेज मॉडल का इस्तेमाल कर रही है।
हमले में आक्रामक एजेंटिक तकनीक का इस्तेमाल
Chainalysis ने कहा कि उसने इस महीने एक बाहरी तत्व का पता लगाया, जिसने आक्रामक एजेंटिक तकनीक का इस्तेमाल कर उसके सिस्टम और आंतरिक टूल तक अनधिकृत पहुंच बनाई। कंपनी ने इस्तेमाल की गई खास विधियों या रणनीतियों के बारे में विस्तार से कुछ नहीं बताया है।
एजेंटिक तकनीक का जिक्र इस ओर इशारा करता है कि हमले को अंजाम देने के लिए AI से चलने वाले किसी टूल का इस्तेमाल किया गया। कंपनी ने कहा है कि वह घटना के जवाब में कमजोरियों को ठीक कर रही है और अपने सिस्टम को और मजबूत बना रही है।
Binance चोरी से कोई संबंध नहीं
Chainalysis ने साफ किया है कि इस सुरक्षा घटना का हाल में Binance में हुई क्रिप्टो चोरी से कोई संबंध नहीं है। यह सफाई इसलिए अहम है, क्योंकि कंपनी क्रिप्टो अपराधों की निगरानी से करीब से जुड़ी है। शुक्रवार को उसने X पर कहा था कि उत्तर कोरिया से जुड़े संदिग्ध हैक इस साल रिपोर्ट किए गए क्रिप्टो हैक नुकसान के लगभग 89 प्रतिशत के लिए जिम्मेदार हैं, जो 2021 में 15 प्रतिशत था।
एक दिन पहले ही कंपनी ने यह भी बताया था कि उसने रूसी बिचौलियों का एक नेटवर्क मैप किया है, जिसने उत्तर कोरियाई आईटी कर्मचारियों को लाखों डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी भुनाने में मदद की।
उद्योग में AI से चलने वाले हमले बढ़ रहे हैं
Chainalysis ने कहा है कि वह उद्योग में AI से चलने वाले साइबर हमलों में बढ़ोतरी देख रही है और बदलते माहौल और ग्राहकों की उम्मीदों के हिसाब से अपनी सुरक्षा मजबूत रखने के लिए पूरे स्तर पर कदम उठा रही है।
सुरक्षा शोधकर्ताओं का कहना है कि हाल के महीनों में AI के गलत इस्तेमाल में तेजी आई है, जिसमें हमलावर हमले के अलग-अलग चरणों को अपने आप चलाने के लिए इस तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं और कई उद्योगों में सैकड़ों संगठनों को निशाना बना रहे हैं।
शोधकर्ताओं की ओर से दिया गया एक उदाहरण चीन समर्थित समूह Vapor Panda है, जिसने ARTEX नाम के एजेंटिक पेनिट्रेशन टेस्टिंग फ्रेमवर्क का इस्तेमाल कर बड़े पैमाने पर हमले किए और 11 दिनों में लगभग 140 ठिकानों को नुकसान पहुंचाया। Abnormal AI के शोधकर्ताओं ने कहा कि AI मुख्य रूप से पुराने हमलों को तेज, अधिक व्यक्तिगत और बड़े पैमाने पर करना आसान बनाता है, जबकि एजेंटिक घुसपैठ और प्रॉम्प्ट इंजेक्शन इसलिए अलग हैं, क्योंकि वे सीधे तैनात AI सिस्टम पर निर्भर करते हैं।