नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया में छात्रों के लिए लोकतांत्रिक मंच की मांग को लेकर चल रहा विरोध अब खुला राजनीतिक समर्थन पा चुका है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल ने इस मुद्दे को लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा बताया है।

सोशल मीडिया पर वेणुगोपाल ने दिया समर्थन

लोकसभा सांसद वेणुगोपाल ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि विश्वविद्यालय के छात्र पिछले 16 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। उन्होंने कहा कि छात्र अपने छात्र संघ की बहाली चाहते हैं, ताकि उनकी मांगों और चिंताओं को उठाने के लिए लोकतांत्रिक मंच मिल सके। उन्होंने इस मांग को जायज बताते हुए कहा कि छात्रों को अपनी बात रखने के लिए मंच मिलना चाहिए।

मुख्य मांग है छात्र संघ की बहाली

वेणुगोपाल के मुताबिक, छात्र अपने छात्र संघ की बहाली चाहते हैं, ताकि उनकी आवाज एक चुने हुए लोकतांत्रिक निकाय के जरिए सुनी जा सके। उन्होंने कहा कि छात्र राजनीतिक सशक्तिकरण की मांग कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से छात्रों की मांगें मानने और गतिरोध खत्म करने की अपील की।

प्रशासन पर सख्ती और दमन के आरोप

कांग्रेस सांसद ने विश्वविद्यालय प्रशासन के रवैये पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन प्रदर्शन कर रहे छात्रों के प्रति सख्त और दमनकारी रुख अपना रहा है। वेणुगोपाल ने अपनी पोस्ट में दावा किया कि कैंपस में बिजली और पानी की आपूर्ति काट दी गई है, जबकि सभी कक्षाएं ऑनलाइन कर दी गई हैं। उनके अनुसार, इस विवाद के चलते कॉलेज का कामकाज पूरी तरह प्रभावित हुआ है। वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि प्रशासन भारत सरकार के निर्देश पर काम कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदर्शनकारियों का ध्यान भटकाने और उन्हें बदनाम करने के लिए पुराने तरीके अपनाए जा रहे हैं। ये आरोप वेणुगोपाल ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में लगाए हैं।

विरोध पर गरमाई सियासत

वेणुगोपाल के छात्रों के साथ एकजुटता जताने से छात्र संघ की बहाली को लेकर जारी विवाद एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है। उन्होंने कहा कि यह मामला लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा है। इससे पहले भी इस विरोध को लेकर पुलिस कार्रवाई हो चुकी है और कैंपस में प्रदर्शनों के सिलसिले में एफआईआर दर्ज हुई थी।