लखनऊ के सआदतगंज थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह कार पार्किंग और पुराने चबूतरा निर्माण के विवाद ने ट्रिपल मर्डर का रूप ले लिया, जिससे पूरे शहर में सनसनी फैल गई।
पार्किंग विवाद से अंधाधुंध फायरिंग तक
घटना सआदतगंज थाना क्षेत्र के नौबस्ता के ब्राह्मण टोला में हुई। बताया जाता है कि तिवारी और शुक्ला परिवार के बीच घर के सामने स्थित बरगद के पेड़ के नीचे चबूतरा निर्माण को लेकर डेढ़ माह पूर्व भी विवाद हुआ था, जो थाने तक पहुंचा था और निर्माण कार्य रुक गया था। सोमवार सुबह करीब 10 बजे सुयश तिवारी ने उसी चबूतरे के पास अपनी कार पार्क कर दी थी। कुछ ही देर बाद जब उनके चाचा और लखनऊ विश्वविद्यालय में कार्यरत शंभू तिवारी घर से बाहर निकले तो सामने रहने वाले ऋषभ शुक्ला से गाड़ी हटाने को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई। विवाद की आवाज सुनकर आरएसएस के पूर्व जिला कार्यवाह शिवाजी तिवारी भी बाहर आ गए। तैश में आकर ऋषभ ने पिस्टल निकाल ली और शंभू व शिवाजी पर गोलियां चला दीं। गोलियों की आवाज सुनकर जब सुयश तिवारी घर से बाहर भागे तो आरोपी ने उन्हें घर के पास सीढ़ियों पर ही बेहद करीब से गोली मार दी।
तीन की मौत, आरएसएस के पूर्व पदाधिकारी भी शामिल
सचिवालय के रिटायर्ड कर्मचारी एवं आरएसएस के पूर्व जिला कार्यवाह 62 वर्षीय शिवाजी तिवारी और उनके कारोबारी बेटे सुयश तिवारी (30) की मौके पर ही मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल शंभू उर्फ शिवेंद्र तिवारी (55) ने ट्रॉमा सेंटर में दम तोड़ दिया। सुयश बिजली के सामानों का कारोबार करते थे और आगामी 5 दिसंबर को उनकी शादी तय थी।
जांबाज सिपाही कार्तिक सिंह ने दबोचा आरोपी
मारपीट की सूचना पर पहुंचे कांस्टेबल कार्तिक सिंह ने घटना के दौरान साहस दिखाया और फायरिंग के बाद भाग रहे हत्यारोपी ऋषभ शुक्ला को, जो मर्चेंट नेवी से बर्खास्त नेविगेशन अफसर है, मौके पर ही अवैध पिस्टल सहित दबोच लिया। सिपाही कार्तिक सिंह पूर्व में भी अपनी दिलेरी का लोहा मनवा चुके हैं। सआदतगंज में हुए बहुचर्चित अनु अनवर हत्याकांड के दौरान भी उन्होंने मुख्य शूटर शरीक को मौके पर ही भारी असलहे के साथ रंगे हाथों पकड़ा था, जिसके लिए पुलिस प्रशासन ने उन्हें 20 हजार रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया था। एक बार फिर ट्रिपल मर्डर जैसी भीषण वारदात में असलहाधारी आरोपी को निहत्थे साहस के दम पर दबोचकर उन्होंने अपनी जांबाजी साबित की है।
पुलिस कमिश्नर मौके पर, भारी बल तैनात
घटना की सूचना मिलते ही लखनऊ के पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा आला अधिकारियों के साथ सीधे घटनास्थल पर पहुंचे और मुआयना किया। मीडिया से बातचीत में पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि प्रथम दृष्टया यह वारदात दोनों पड़ोसी परिवारों के बीच आमने-सामने गाड़ी पार्क करने के विवाद से शुरू हुई थी। उन्होंने बताया कि हत्यारोपी ऋषभ शुक्ला को वारदात में प्रयुक्त पिस्टल के साथ गिरफ्तार कर लिया गया है। फॉरेंसिक टीमों ने मौके से बैलिस्टिक साक्ष्य, खोखे और फिंगरप्रिंट संकलित किए हैं। ऐहतियात के तौर पर नौबस्ता ब्राह्मण टोला में 50 से 60 पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दोनों पक्षों के घरों के बाहर कड़ा पहरा लगा दिया गया है ताकि कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रित रहे।