अहमदाबाद की वटवा पुलिस ने जूनागढ़ के एक पुरुष और एक महिला को एसपी रिंग रोड पर रोपड़ा चेक-पोस्ट के पास 9.92 किलो गांजा, जिसकी कीमत 4.96 लाख रुपये है, के साथ गिरफ्तार किया है। यह खेप कथित तौर पर ओडिशा से अहमदाबाद होते हुए जूनागढ़ ले जाई जा रही थी।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जूनागढ़ निवासी करीमशा महबूबशा रफाई और रिजवानाबानू अहमदभाई सेहता के रूप में हुई है। पुलिस ने कहा कि गांजा कपड़ों की आड़ में प्लास्टिक बैग में छिपाया गया था।

रोपड़ा चौराहे पर निगरानी

खास खुफिया जानकारी पर कि एक पुरुष और एक महिला खेप लेकर इलाके से गुजरेंगे, पुलिस टीम ने रोपड़ा चौराहे के पास निगरानी रखी और दोनों को रोक लिया। तलाशी में तीन प्लास्टिक बैग में छह पार्सल में पैक 9 किलो 920 ग्राम गांजा बरामद हुआ।

पूछताछ में रिजवानाबानू ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि तलाक के बाद आर्थिक परेशानियों के चलते वह वाहक का काम करने लगी थी। उसने कथित तौर पर कहा कि वह पहले भी चार या पांच बार जूनागढ़ के आदिल सैयद और वेरावल के फैजान मेमन के लिए ओडिशा से गांजा ला चुकी थी।

नकदी का लेनदेन और वादा किया भुगतान

पुलिस के अनुसार आदिल ने ताजा खेप के लिए उसे एक लाख रुपये नकद दिए थे। उसने कथित तौर पर ओडिशा के बेरामल गांव में रबिदास नाम के व्यक्ति को गांजा लेने के लिए 90,000 रुपये दिए और बाकी रकम यात्रा व अन्य खर्च के लिए रख ली।

उसे खेप सफलतापूर्वक पहुंचाने पर 20,000 रुपये का वादा किया गया था। पुलिस ने कहा कि रिजवानाबानू ने करीमशा को मदद के लिए भर्ती किया था, उसे यात्रा के लिए प्रति दिन 1,000 रुपये की पेशकश की गई थी।

रास्ता और जारी तलाश

दोनों कथित तौर पर ट्रेन से ओडिशा गए, नागपुर में रुके और फिर निजी बस से अहमदाबाद पहुंचे। वे खेप को जूनागढ़ की ओर ले जा रहे थे, तभी वटवा पुलिस ने उन्हें रोक लिया।

पुलिस ने कथित तस्करी अभियान के संबंध में आदिल सैयद और फैजान मेमन के खिलाफ मामला दर्ज किया है और उन्हें खोजने के लिए तलाश शुरू कर दी है। खेप जुटाने और ले जाने में आरोपियों व अन्य कथित संलिप्त लोगों की भूमिका स्थापित करने के लिए जांच जारी है।