हमारा देश भारत एक कृषि प्रधान देश है और किसानों की अहमियत को देखते हुए सरकार के द्वारा कई सारी योजनाएं चलाई जाती हैं, जिनमें लोन से लेकर आर्थिक मदद, प्राकृतिक आपदा या नियम के तहत अन्य वजहों से फसल खराब होने या नुकसान होने पर मुआवजा समेत अन्य सुविधाओं की व्यवस्था है। बैंकों की योजनाओं में किसानों के लिए एक खास योजना सेंट एग्री गोल्ड लोन है, जो सरकारी बैंक यानी सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के द्वारा चलाई जाती है और इसका उद्देश्य खेती या कृषि से संबंधित कामों में लगे किसानों की कृषि लोन जरूरतों को तुरंत पूरा करना है, फसल उत्पादन के साथ निवेश लोन की जरूरतों को पूरा करना है।

सेंट एग्री गोल्ड लोन योजना के तहत अधिकतम 20 लाख रुपये तक का लोन मिल सकता है। सेंट्रल बैंक की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, 22 कैरेट शुद्धता वाली सोने के लिए 3250 रुपये/ग्राम और 24 कैरेट शुद्धता वाली सोने के लिए 3550 रुपये/ग्राम (सोने के बाजार मूल्य के आधार पर आवधिक समीक्षा के अधीन) ऋण की अधिकतम मात्रा 20.00 लाख रुपये केवल है। इस योजना के तहत किसान गोल्ड, सोने के आभूषण को बैंक के पास गिरवी रखते हैं, उसके आधार पर बैंक उन्हें लोन की सुविधा देता है।

पात्रता क्या है और आवेदन कैसे करें

लोन लेने वाला व्यक्ति भारतीय हो, आपकी उम्र 18 साल या उससे अधिक होनी चाहिए और आप खेती या उससे जुड़े कामों में लगे हुए होने चाहिए, मतलब कि आप एक खेतिहर किसान होने चाहिए। आवेदन के लिए आप अपने नजदीकी सेंट्रल बैंक की शाखा में जा सकते हैं और शाखा में संबंधित लोन अधिकारी या कर्मचारी से संपर्क कर सकते हैं।

बैंक में जाने से पहले आप अपने साथ अपना पहचान पत्र, केवाईसी दस्तावेज, एड्रेस प्रूफ, खेती या कृषि से जुड़े कागजात, पासपोर्ट साइज फोटो समेत अन्य जरूरी दस्तावेज रख लें। बैंक में कितने गोल्ड को गिरवी रखना है, वे अपने साथ सुरक्षित तरीके से लेकर जाएं। संबंधित लोन अधिकारी आपके गोल्ड की शुद्धता की जांच करवाएगा। उसके बाद आपको संबंधित आवेदन पत्र भरना है और जमा कर देना है। मंजूरी मिलने के बाद आपको बैंक के नियम के तहत तय समय में लोन की राशि आपके खाते में भेज दी जाएगी।

ब्याज दर, शुल्क और चुकौती अवधि

सेंट एग्री गोल्ड लोन योजना पर ब्याज दर 3 लाख रुपये तक (ब्याज सहायता के साथ) 7 फीसदी सालाना है। ब्याज सहायता के अलावा ब्याज दर एमसीएलआर + 0.25% है। एमसीएलआर (Marginal Cost of Funds Based Lending Rate) एक न्यूनतम ब्याज दर है, जिससे कम ब्याज पर बैंक अपने पात्र ग्राहकों को लोन नहीं दे सकते हैं।

प्रोसेसिंग फीस उत्पादन ऋण के लिए शून्य है और उत्पादन ऋण के अलावा 3 लाख तक शून्य और 3 लाख से ऊपर 0.30% है। शुरुआती चार्ज 5 लाख रुपये तक शून्य और 5 लाख से ऊपर 5000 रुपये + जीएसटी है। चुकौती अवधि में नकद ऋण या ओवरड्राफ्ट की सीमा वार्षिक समीक्षा के अधीन 5 वर्षों के लिए वैध होगी, मांग ऋण की चुकौती आय सृजन पर आधारित होगी, अधिकतम 18 महीने की अवधि के भीतर, और सावधि ऋण की अवधि अधिकतम 5 वर्ष है। इस जानकारी में बदलाव संभव है, वास्तविक और लेटेस्ट जानकारी के लिए संबंधित बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करें या अपने नजदीकी ब्रांच में जाकर जानकारी ले लें।