इस वित्त वर्ष की पहली छमाही में बैंकों के कर्ज देने के पैटर्न में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। इस दौरान बैंकों ने होम बायर्स की तुलना में NBFCs को ज्यादा लोन दिया। बैंकों ने NBFCs को 1.8 लाख करोड़ रुपये का लोन दिया, जबकि हाउसिंग के लिए 1.4 लाख करोड़ रुपये का लोन दिया गया। रिटेल क्रेडिट ग्रोथ में गोल्ड लोन अब भी बड़ा कंट्रीब्यूटर बना हुआ है।
31 मार्च से 30 सितंबर के बीच कुल 16.1 लाख करोड़ रुपये का नॉन-फूड क्रेडिट दिया गया। इसमें इंडस्ट्री की हिस्सेदारी 3.7 लाख करोड़ रुपये रही, जबकि ट्रेड सेक्टर ने 1 लाख करोड़ रुपये के लोन लिए। इससे पता चलता है कि कॉर्पोरेट और सर्विस सेगमेंट्स में मजबूत मांग बनी हुई है।
नॉन-फूड क्रेडिट आउटस्टैंडिंग 229 लाख करोड़ रुपये के पार
इस दौरान शेड्यूल्ड कमर्शियल बैंकों का नॉन-फूड क्रेडिट आउटस्टैंडिंग पिछले साल के मुकाबले 19.1% बढ़कर सितंबर के अंत तक 229 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। मार्च की तुलना में इसमें 7.5% तेजी आई है। इस दौरान सर्विसेज की हिस्सेदारी 4.9 लाख करोड़, पर्सनल लोन की 4.5 लाख करोड़, इंडस्ट्री की 3.7 लाख करोड़ और एग्रीकल्चर की 1.8 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई।
गोल्ड लोन पिछले साल के मुकाबले 82.5 फीसदी चढ़कर 5.8 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। साल के पहले छह महीने में ही इसमें 25.1 फीसदी तेजी आई है। मार्च से सितंबर के बीच बैंकों ने 1.2 लाख करोड़ रुपये के गोल्ड लोन दिए। सर्विसेज में NBFCs को लोन सालाना 41.8 फीसदी बढ़कर 22.5 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। कमर्शियल रियल एस्टेट के एडवांसेज 23.3 फीसदी की तेजी के साथ 7.5 लाख करोड़ रुपये हो गए।
सबसे ज्यादा लोन लेने वाले क्षेत्र (रुपये करोड़ में) इस प्रकार रहे: बड़े उद्योगों को ऋण 2,04,028; NBFCs 1,83,114; आवास क्षेत्र 1,35,971; गोल्ड लोन 1,15,827; व्यापार क्षेत्र 1,02,749; सूक्ष्म एवं लघु उद्योग 91,366; अदर पर्सनल लोन 90,221; कमर्शियल रियल एस्टेट 75,022।
सर्विसेज, इंडस्ट्री और पर्सनल लोन सभी बढ़े
इसी तरह ट्रेड क्रेडिट में भी 23.9 फीसदी तेजी आई। सर्विसेज सेगमेंट को क्रेडिट 28.3 फीसदी की तेजी के साथ 64.9 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो इंक्रिमेंटल नॉन-फूड लेंडिंग का 30.6 फीसदी है। इंडस्ट्रियल क्रेडिट 19.5 फीसदी की तेजी के साथ 49.8 लाख करोड़ रुपये हो गया। बड़ी इंडस्ट्रीज को लोन 16 फीसदी की तेजी के साथ 33 लाख करोड़ रुपये गया।
इस दौरान मीडियम साइज की कंपनियों के लिए लेंडिंग में 33.2 फीसदी तेजी आई, जबकि छोटी कंपनियों का लोन 24.4 फीसदी बढ़ गया। एग्रीकल्चर और उससे जुड़ी गतिविधियों के लिए क्रेडिट 19.5 फीसदी बढ़कर 28.2 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। एक साल पहले यह 23.6 लाख करोड़ रुपये था।
पर्सनल लोन भी 17.3 फीसदी बढ़कर 74.27 लाख करोड़ रुपये हो गया। सबसे ज्यादा बढ़ने वाले सेगमेंट्स में फिक्स्ड डिपॉजिट्स के अगेंस्ट लोन रहा। इस कैटेगरी में आउटस्टैंडिंग एडवांसेज 53.3 फीसदी बढ़कर 2.2 लाख करोड़ रुपये हो गया। पिछले छह महीनों में इसमें 28.1% तेजी आई है। इस दौरान बैंकों ने 47,471 करोड़ रुपये का इस तरह का लोन दिया है।