महाराष्ट्र के वर्धा में एक डॉक्टर को जांच के दौरान एक आरोपी ने थप्पड़ मार दिया और यह हमला CCTV कैमरे में कैद हो गया। डॉ. श्रद्धा भुमरे एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में आरोपी कादिर अली की शारीरिक जांच कर रही थीं, तभी उसने उन्हें थप्पड़ मार दिया, जबकि पुलिसकर्मी आसपास मौजूद थे।

हमले का वीडियो महाराष्ट्र के डॉक्टरों में आक्रोश पैदा कर रहा है। डॉक्टर अस्पतालों में और सुरक्षा की मांग कर रहे हैं और उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हुई तो वे OPD सेवाएं बंद कर देंगे। रिपोर्टों से यह तुरंत स्पष्ट नहीं हुआ कि थप्पड़ मारने की वजह क्या थी।

CCTV घटना से डॉक्टरों में गुस्सा क्यों है?

इस फुटेज ने व्यापक ध्यान खींचा है और डॉक्टरों तथा सोशल मीडिया यूजर्स ने आरोपियों का इलाज करते समय मेडिकल स्टाफ की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। सरकारी डॉक्टरों का कहना है कि इस घटना ने चिकित्सा जांच के दौरान उनकी सुरक्षा को लेकर डर फिर से बढ़ा दिया है, जबकि कई मामलों में अस्पताल लाए जाने वाले लोगों के साथ पुलिसकर्मी भी मौजूद रहते हैं।

कई डॉक्टरों के लिए चिंता की बात यह है कि हमला एक सामान्य जांच के दौरान और पुलिस की मौजूदगी में हुआ, जो उनके मुताबिक दिखाता है कि हिरासत से जुड़ी जांचों के दौरान मेडिकल स्टाफ कितना असुरक्षित रहता है।

महाराष्ट्र के डॉक्टर क्या मांग कर रहे हैं?

डॉक्टरों ने महाराष्ट्र भर के अस्पतालों में सुरक्षा बढ़ाने की अपील की है। OPD सेवाएं बंद करने की उनकी चेतावनी हालात को लेकर बढ़ती नाराजगी को दर्शाती है और यह भी दिखाती है कि कई डॉक्टर अपना काम करते हुए खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं।

यह मांग सिर्फ इस एक केंद्र तक सीमित नहीं है। डॉक्टरों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों का स्टाफ नियमित रूप से पुलिस द्वारा लाए गए आरोपियों और मरीजों की जांच करता है और उचित सुरक्षा व्यवस्था के बिना ऐसी जांचें सुरक्षित तरीके से नहीं हो सकतीं।

सोशल मीडिया पर कैसी प्रतिक्रियाएं आईं?

इस घटना पर ऑनलाइन तीखी प्रतिक्रियाएं आईं। कई यूजर्स ने आरोपी के लिए कठोर सजा की मांग की, तो कुछ ने सवाल उठाया कि पुलिस के आसपास मौजूद रहते हुए ऐसा हमला कैसे हो गया। एक यूजर ने डॉक्टर के समर्थन में लिखा, "We stand with doctor"।

एक अन्य व्यक्ति ने सरकारी अस्पताल में अपनी तैनाती का अनुभव साझा करते हुए कहा कि हिरासत के मामले मेडिकल फिटनेस जांच के लिए आते थे और हर बार पुलिस के साथ होने के बावजूद वह डर महसूस करते थे, जो अनुभव आज भी उन्हें परेशान करता है। कुछ यूजर्स ने सवाल उठाया कि क्या अब अस्पताल के अंदर भी पुलिस सुरक्षा पर भरोसा किया जा सकता है, जबकि एक सरकारी डॉक्टर के पति ने लिखा कि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर पर ऐसा हमला अस्वीकार्य है।