दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के निवासियों से अपील की कि वे बढ़ते वायु प्रदूषण पर काबू पाने के सरकार के प्रयासों में शामिल हों और दिल्ली-NCR में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP-1) लागू रहने तक अपने प्रदूषण फैलाने वाले वाहन सड़कों से दूर रखें।
सिरसा ने सर्दियों के मौसम से पहले प्रदूषण के स्तर में बढ़ोतरी को स्वीकार किया और कहा कि स्थिति अच्छी नहीं है। दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) फिलहाल करीब 250 है और GRAP-1 पाबंदियां लागू हैं, लेकिन इन पाबंदियों के बावजूद अब तक कोई खास सुधार नहीं हुआ है। शुक्रवार को कोहरा भी दिखा, जो स्मॉग में बदलना शुरू हो सकता है।
दोपहिया वाहनों और PUC सर्टिफिकेट पर सिरसा ने क्या कहा?
मंत्री ने दिल्ली के निवासियों से अपील की कि वे प्रदूषण फैलाने वाले वाहन सड़कों पर न निकालें। उन्होंने खास तौर पर कहा कि दोपहिया वाहन बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण (PUC) सर्टिफिकेट के पेट्रोल पंपों पर जा रहे हैं और वहां बहस हो रही है। उन्होंने कहा कि दोपहिया वाहन भी प्रदूषण में बड़ा योगदान देते हैं और GRAP पाबंदियों के दौरान उनके मालिकों को ऐसे वाहन सड़कों से दूर रखने चाहिए, वरना प्रदूषण और बढ़ेगा और सेहत से जुड़ी दिक्कतें होंगी।
रेखा गुप्ता सरकार ने पहले 'No PUC, No Fuel' नीति का प्रस्ताव दिया था, जिसके तहत बिना वैध PUC सर्टिफिकेट वाले वाहनों को ईंधन नहीं दिया जाएगा। 1 नवंबर से दिल्ली के बाहर पंजीकृत वे वाहन, जो BS-VI उत्सर्जन मानकों पर खरे नहीं उतरते, प्रवेश पाबंदियों का सामना करेंगे, लागू छूटों के अधीन।
भारी वाहनों के खिलाफ क्या कार्रवाई मांगी गई है?
सिरसा ने कहा कि उन्होंने दिल्ली यातायात पुलिस आयुक्त से बात की है कि GRAP-1 पाबंदियों के बीच राष्ट्रीय राजधानी में चल रहे भारी वाहनों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई हो। मंत्री ने कहा कि ऐसे अवांछित वाहनों को दिल्ली में प्रवेश नहीं करने दिया जाना चाहिए।
शुक्रवार को दिल्ली-NCR भर में वायु प्रदूषण चिंता का विषय बना रहा, दशहरे के बाद AQI खराब श्रेणी में रहा और सर्दियों से पहले तापमान धीरे धीरे घट रहा है। बिगड़ती वायु गुणवत्ता ने प्रदूषित हवा के लंबे संपर्क से जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों को लेकर चिंताएं फिर बढ़ा दी हैं।
CPCB स्टेशनों पर दिल्ली में AQI कितना दर्ज हुआ?
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, राजधानी के कई मॉनिटरिंग स्टेशनों पर AQI खराब श्रेणी में दर्ज हुआ। सबसे ऊंचे आंकड़ों में पूसा 289, पंजाबी बाग 275, सिरीफोर्ट 274, CRRI मथुरा रोड 269 और मंदिर मार्ग 263 रहे, जबकि बुरारी क्रॉसिंग पर 246, कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स पर 249 और NIH नरेला पर 241 दर्ज हुआ।
दिल्ली में इस मौसम का पहला खराब वायु गुणवत्ता वाला दिन 21 अक्टूबर को दर्ज हुआ, जब AQI 245 तक चढ़ गया, जो करीब 100 दिनों में उसका सबसे ऊंचा स्तर था। यह गिरावट दिल्ली-NCR में दशहरा समारोहों के बाद आई और उत्तर प्रदेश, पंजाब व हरियाणा समेत पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की रिपोर्टों के साथ हुई।