देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर उनके पोते राहुल गांधी और पोती प्रियंका गांधी ने उन्हें भावुक अंदाज में याद किया है। दोनों नेताओं ने अपने बचपन की ऐसी तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं, जिनमें इंदिरा गांधी अपने पोते-पोती के साथ नजर आ रही हैं। इन तस्वीरों में कहीं दादी की गोद में बिताई यादें हैं, तो कहीं उनकी शख्सियत के लिए प्यार और सम्मान।
लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अपनी दादी इंदिरा गांधी के साथ बचपन की एक तस्वीर साझा की। इसमें इंदिरा गांधी उन्हें अपनी गोद में लिए हुए हैं। राहुल ने इस तस्वीर के साथ लिखा कि उन्हें आज भी दादी की गोद में बैठना, उनके दोनों हाथों को थामना और उनकी आवाज में कही गई बातें सुनना याद है। उन्होंने उस मंत्र को भी याद किया, जिसे इंदिरा गांधी उन्हें सिखाती थीं।
राहुल ने जो मंत्र याद किया
राहुल गांधी ने पोस्ट में लिखा, "असतो मा सद्गमय, तमसो मा ज्योतिर्गमय, मृत्योर्मा अमृतं गमय।" इसके साथ उन्होंने "ओम शांति, शांति, शांति" लिखा। राहुल ने अपनी दादी को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने उन्हें कितना खूबसूरत उपहार दिया था। उन्होंने लिखा, "दादी, आपने मुझे कितना खूबसूरत तोहफा दिया। कितना अनमोल तोहफा। मैंने कभी इसकी कल्पना भी नहीं की थी।"
प्रियंका ने दादी के बारे में क्या लिखा
प्रियंका गांधी ने भी अपनी दादी इंदिरा गांधी को याद करते हुए बचपन की एक तस्वीर पोस्ट की। इसमें वह इंदिरा गांधी के बगल में बैठी नजर आ रही हैं। प्रियंका ने अपनी दादी की शख्सियत का जिक्र करते हुए लिखा, "वह कितनी खूबसूरत महिला थीं! आसमान की तरह आजाद, समुद्र की तरह गहरी, धरती की तरह मजबूत और आग की तरह चमकदार।" दोनों भाई-बहन की पोस्ट में इंदिरा गांधी की दो अलग-अलग झलकियां दिखाई दीं। राहुल की तस्वीर में दादी की गोद और बचपन की सीख की यादें थीं, तो प्रियंका के शब्दों में उनकी दादी के व्यक्तित्व की गहराई और मजबूती।
इंदिरा गांधी की मौत कैसे और कब हुई थी
भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 31 अक्टूबर 1984 को हत्या कर दी गई थी। उनकी हत्या नई दिल्ली स्थित उनके सरकारी आवास पर उनके ही दो सुरक्षाकर्मियों ने गोली मारकर की थी। उस समय उनकी उम्र 66 साल थी। 31 अक्टूबर की सुबह वह अपने आवास से निकलकर ऑफिस की ओर जा रही थीं, इसी दौरान रास्ते में उनके दो सुरक्षाकर्मी सतवंत सिंह और बेअंत सिंह ने गोलियां चला दीं। बेअंत सिंह ने अपनी रिवॉल्वर से पांच गोलियां चलाईं, जबकि सतवंत सिंह ने अपनी कार्बाइन से 25 राउंड फायर किए। इंदिरा गांधी को एम्स अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी मौत हो गई।
इंदिरा गांधी की हत्या से करीब चार महीने पहले जून 1984 में सेना ने अमृतसर के स्वर्ण मंदिर परिसर में ऑपरेशन ब्लू स्टार चलाया था। इसका उद्देश्य परिसर में मौजूद हथियारबंद चरमपंथियों को बाहर निकालना था। इस सैन्य कार्रवाई के दौरान स्वर्ण मंदिर परिसर को काफी नुकसान पहुंचा था और बड़ी संख्या में लोग मारे गए थे। इस कार्रवाई से नाराजगी के बीच इंदिरा गांधी के दो सुरक्षाकर्मियों बेअंत सिंह और सतवंत सिंह ने उनकी हत्या कर दी। जांच और न्यायिक कार्यवाही में ऑपरेशन ब्लू स्टार से जुड़ी नाराजगी को हत्या की साजिश का प्रमुख कारण बताया गया।