1999 के सीमेंट धोखाधड़ी मामले के बाद गायब हुआ एक ट्रक ड्राइवर आखिरकार पुलिस की गिरफ्त में है। अमरेली जिले के राजुला पुलिस स्टेशन की सर्विलांस टीम ने सूचीबद्ध आरोपी अब्दुल सत्तार मोहम्मद हबीब कुरैशी को महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार किया है, जिससे करीब तीन दशक से चल रही तलाश खत्म हो गई।

1999 का सीमेंट धोखाधड़ी मामला

8 दिसंबर 1999 को राजुला पुलिस स्टेशन में धोखाधड़ी और विश्वासघात का मामला दर्ज हुआ था। उस समय एक ट्रक ड्राइवर ने कोवाया कंपनी से सीमेंट से भरा ट्रक लिया था और अन्य आरोपियों के साथ मिलकर कुल 30 टन यानी 600 बोरी सीमेंट, जिसकी उस समय कीमत 58,500 रुपये थी, अवैध रूप से बेच दिया था और ट्रक छोड़कर फरार हो गया था। इस मामले में उस समय तीन आरोपी पकड़े गए थे, लेकिन मुख्य आरोपी ट्रक ड्राइवर अब्दुल सत्तार मोहम्मद हबीब कुरैशी पुलिस की पकड़ से दूर रहा और लंबे समय तक फरार रहा।

उत्तर प्रदेश में ठंडी पड़ गई तलाश

आरोपी के 27 साल तक पकड़ में न आने पर पुलिस ने इस मामले की फाइलें नए सिरे से खोलीं और जांच शुरू की। इस दौरान सामने आया कि 1999 की शिकायत में लिखा गया पता और गांव का नाम अस्पष्ट या बदला हुआ था, जिससे तलाश और कठिन हो गई। रिकॉर्ड में दर्ज गांव गांभी घरोरा, प्रतापगंज तालुका, प्रतापगढ़ जिला, उत्तर प्रदेश का कोई पक्का सुराग नहीं मिल रहा था।

वोटर लिस्ट ने 150 नामों को एक संदिग्ध तक पहुंचाया

गतिरोध तोड़ने के लिए पुलिस ने उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के सभी तालुकों की SIR वोटर लिस्ट हासिल कीं और उनकी जांच शुरू की। इन सूचियों में एक ही नाम के करीब 150 लोग सामने आए, जिसके बाद पिता के नाम और उम्र के आधार पर संदिग्धों की सूची छोटी की गई। पुलिस ने चुनाव विभाग की नई SIR सूची और टेक्निकल एनालिसिस की भी मदद ली।

व्हाट्सऐप पर बुलेट की फोटो ने भेद खोला

जांच के दौरान पुलिस को आरोपी के परिवार से जुड़ा एक मोबाइल नंबर हाथ लगा। जब इस नंबर की व्हाट्सऐप प्रोफाइल की जांच की गई, तो उसमें एक बुलेट मोटरसाइकिल की फोटो मिली। पुलिस ने इस बुलेट के रजिस्ट्रेशन नंबर UP72BN0614 की जानकारी निकलवाई, तो पता चला कि वह मोटरसाइकिल फरार आरोपी के नाम पर ही दर्ज है। इसी एक कड़ी ने परिवार के नंबर, मोटरसाइकिल और वांछित आरोपी को जोड़ दिया।

भागते-भागते नागपुर में पकड़ा गया आरोपी

बुलेट के नंबर और सोशल मीडिया की कड़ी मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी का लोकेशन ट्रैक करना शुरू किया। वह लगातार राज्य और ठिकाने बदल रहा था, लेकिन पुलिस की गहन टेक्निकल और मूवमेंट एनालिसिस टीम ने आखिरकार महाराष्ट्र के नागपुर से 27 साल से फरार इस सूचीबद्ध आरोपी को दबोच लिया। पुलिस ने आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।