पुराना फ्लैट सौदा लग सकता है: कम कीमत, बसा हुआ इलाका और रहने के लिए तैयार घर। लेकिन इमारत की उम्र वह बातें छिपा सकती है जो पेंट और फर्निशिंग नहीं दिखा सकते, जैसे कमजोर कंक्रीट, जंग लगी सरिया और स्लैब और बीम के अंदर पानी का नुकसान। नवी मुंबई में छत गिरने की घटना याद दिलाती है कि खरीदारों को टोकन मनी देने या एग्रीमेंट पर साइन करने से पहले ढांचे, मरम्मत के रिकॉर्ड और रीडेवलपमेंट की स्थिति की जांच करनी चाहिए।
यह हादसा नवी मुंबई के कोपरखैरणे की गंगा सागर सोसायटी के एक फ्लैट में हुआ। बेडरूम की छत अचानक गिर गई, उस समय कमरे में कपल मौजूद था। दोनों घायल हो गए और महिला की हालत गंभीर बताई जा रही है। छत के साथ कंक्रीट, पीओपी और लोहे की सरिया के टुकड़े भी नीचे गिर गए। सही कारण जांच के बाद ही पता चलेगा, लेकिन इस घटना ने पुरानी इमारतों की सुरक्षा और समय पर मरम्मत की जरूरत पर सवाल खड़े किए हैं।
सोसायटी करीब 28 साल पुरानी है। यहां काफी सालों से रीडेवलपमेंट का काम नहीं हुआ था। पुरानी इमारतों में पानी का रिसाव, कंक्रीट का कमजोर होना, लोहे की सरिया में जंग लगना और समय पर मरम्मत न होना जोखिम बढ़ा सकते हैं। यह घटना बताती है कि पुराना फ्लैट खरीदते समय सिर्फ कीमत, लोकेशन और सुविधाएं देखना काफी नहीं है। खरीदार को बिल्डिंग की कंडीशन, स्ट्रक्चरल ऑडिट रिपोर्ट, सोसायटी के रिपेयर रिकॉर्ड और रीडेवलपमेंट की कंडीशन भी चेक करने चाहिए।
फ्लैट की छत गिरने का पूरा मामला क्या है
यह हादसा गंगा सागर सोसायटी के एक फ्लैट में हुआ, जहां बेडरूम की छत बिना चेतावनी के गिर गई और कमरे में मौजूद कपल घायल हो गया। गिरने वाले मलबे में स्लैब, प्लास्टर और टूटी सरिया शामिल थी, और दोनों लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। मौके पर छत की स्लैब, पीओपी और लोहे की टूटी छड़ें मिलीं। सोसायटी में काफी समय से रीडेवलपमेंट काम नहीं हुआ था, जो जांच के दौरान देखी जाने वाली पृष्ठभूमि का हिस्सा है।
पुरानी बिल्डिंग में क्या खतरा होता है
समय के साथ पानी का रिसाव, लोहे की सरिया में जंग लगना, कंक्रीट का टूटना, खराब ड्रेनेज और समय-समय पर रिपेयरिंग का काम नहीं होने पर कोई भी बिल्डिंग कमजोर हो सकती है। किसी फ्लैट का बाहर से अच्छा दिखना इस बात की गारंटी नहीं है कि इमारत अंदर से भी सेफ है। स्लैब, बीम और कोलम में छिपी दरारों या नुकसान का पता लगाने के लिए हमेशा एक्सपर्ट की सलाह लेनी चाहिए। नया पेंट मजबूती का सबूत नहीं है, और सिर्फ पुरानी होने से कोई इमारत असुरक्षित भी नहीं हो जाती। बात यह है कि अंदाजे पर नहीं, जांच पर भरोसा करना चाहिए।
किन चेतावनी संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए
छतों या दीवारों में नई, चौड़ी होती या गहरी दरारें दिखें तो किसी स्ट्रक्चरल एक्सपर्ट की सलाह जरूर लेनी चाहिए, खासकर जब दरारें बीम, कोलम या स्लैब जोड़ों के पास दिखाई देती हैं। बार-बार पानी रिसने से कंक्रीट कमजोर हो सकता है और लोहे की सरिया में जंग लग सकती है। इससे सबसे बड़ी समस्या सीलन की होती है, जिससे दीवारें और छत कमजोर होकर गिर सकती हैं। अगर कंक्रीट उखड़ने लगे, लोहे की सरिया दिखाई देने लगे या छत से टुकड़े गिरने लगें तो इसे नजरअंदाज न करें। ऐसी होने पर तुरंत एक्सपर्ट की सलाह लें और जरूरी काम कराएं।
दरवाजे और खिड़कियां अचानक ठीक से बंद नहीं हो रहे हैं और दीवारों पर दरारें भी दिख रही हैं तो यह इमारत में किसी बदलाव या नुकसान का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में विशेषज्ञ से जांच कराएं। दीवारों की दरारों पर पेंट करना या नमी वाली जगह को ढकना काफी नहीं है। इससे असली समस्या दूर नहीं होती। ध्यान रहे कि इन संकेतों का मतलब यह नहीं है कि इमारत असुरक्षित है, लेकिन इन्हें नजरअंदाज भी नहीं करना चाहिए।
ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या करें
स्थानीय नियमों के अनुसार समय-समय पर बिल्डिंग का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराना चाहिए। इसके लिए किसी बेहतर इंजीनियर की मदद लें और उसकी रिपोर्ट में बताई गई कमियों को समय पर ठीक करवाएं। अगर मरम्मत की जरूरत हो तो जरूरी परमिशन लेकर काम करवाएं। छत, बीम, खंभों या वजन सहने वाली दीवारों में अपनी मर्जी से बदलाव न करें। किसी घटना होने का इंतजार न करें, बल्कि समय-समय पर रीडेवलपमेंट कराते रहें।
पुराना फ्लैट खरीदने से पहले किन बातों की जांच करें
पुराना फ्लैट बजट में मिल सकता है, लेकिन खरीदने से पहले सिर्फ उसकी कीमत न देखें। टोकन मनी देने या एग्रीमेंट पर साइन करने से पहले इन बातों की जांच जरूर करें। इमारत की लेटेस्ट स्ट्रक्चरल ऑडिट रिपोर्ट देखें और पता करें कि बताई गई मरम्मत पूरी हुई है या नहीं। पानी के रिसाव, कंक्रीट में दरारों, बड़ी मरम्मत और सोसायटी के रखरखाव से जुड़ी जानकारी लें। रीडेवलपमेंट की कंडीशन पता करें: क्या उसे मंजूरी मिल चुकी है या अभी सिर्फ चर्चा चल रही है।
जरूरी दस्तावेज भी जांचें, जिनमें बिल्डिंग की मंजूरी और जहां लागू हो, ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट शामिल हैं। अगर इमारत में दरारें, सीलन या अन्य नुकसान दिखे तो खरीदने से पहले काबिल स्ट्रक्चरल इंजीनियर से जांच करवाएं। प्रॉपर्टी में इन्वेस्ट से मिलने वाला रिटर्न मार्केट की कंडीशन, प्रोजेक्ट की क्वालिटी, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और फाइनेंशियल पर निर्भर करता है, इसलिए इन्वेस्ट करने से पहले लीगल अप्रूवल की सही तरीके से जांच करनी चाहिए और फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स से राय लेनी चाहिए।