भारत की पुरुष टीम ने कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप 2026 के सेमीफाइनल में बांग्लादेश को 56-27 से करारी शिकस्त देकर फाइनल में जगह बना ली है और शुरुआत से ही मुकाबले पर अपना दबदबा बनाए रखा। अब 31 अक्टूबर को पुरुष फाइनल में भारत का सामना श्रीलंका से होगा, जिसने दूसरे सेमीफाइनल में केन्या को 28-24 से हराया।

नवीन कुमार और नीरज नरवाल की रेडिंग ने भारत को शुरुआती बढ़त दिलाई, जबकि दीपक एस और शुभम शिंदे ने डिफेंस संभाला। बांग्लादेश ने दिपायोन गोल्डर की सफल रेड से खाता खोला, लेकिन भारत ने जल्दी ही नियंत्रण हासिल कर लिया और शुरुआती पांच मिनट के भीतर पहला ऑल आउट कर दिया।

भारत ने हाफ टाइम तक अजेय बढ़त बनाई

इसके बाद भरत हुड्डा और शिवम पटारे ने रेडिंग की जिम्मेदारी संभाली और भारत अपनी बढ़त लगातार बढ़ाता गया, जबकि दीपक एस ने डिफेंस में अपना प्रभाव बनाए रखा। पहले हाफ में 8 मिनट शेष रहते भारत ने दूसरा ऑल आउट किया और हाफ टाइम तक 28-8 की मजबूत बढ़त हासिल कर ली। बांग्लादेश भारतीय रक्षा पंक्ति में सेंध लगाने के लिए संघर्ष करता रहा और पहले हाफ में एक भी टैकल अंक दर्ज नहीं कर सका, दिपायोन गोल्डर और एमडी रहमान ने रेड के जरिए अपनी टीम के लिए अंक जुटाए।

ब्रेक के बाद भी भारत ने अपनी लय बरकरार रखी और प्रभावी रेडिंग के साथ अनुशासित डिफेंस का प्रदर्शन करते हुए मुकाबले में 10 मिनट शेष रहते 38-16 की बढ़त बना ली। हुड्डा लगातार बांग्लादेश के डिफेंस के लिए परेशानी बने रहे और मुकाबले में चार मिनट शेष रहते भारत ने एक और ऑल आउट किया, जिससे बढ़त 49-20 हो गई और अंत में 56-27 की एकतरफा जीत दर्ज हुई। पूरे मुकाबले में भारत ने 37 रेड अंक, 12 टैकल अंक और ऑल आउट से 6 अंक हासिल किए।

हुड्डा चमके, फाइनल में श्रीलंका का इंतजार

हुड्डा भारत के लिए सर्वाधिक 13 अंक लेकर शीर्ष स्कोरर रहे, उनके बाद पटारे ने 11 और नरवाल ने 9 अंक का योगदान दिया। डिफेंस में अजीत पवार ने भी महत्वपूर्ण प्रभाव छोड़ा और 8 टैकल प्रयासों में 5 टैकल अंक हासिल किए, क्योंकि भारत ने पूरे मुकाबले के दौरान बांग्लादेश पर लगातार दबाव बनाए रखा।

दूसरे सेमीफाइनल में श्रीलंका ने दमदार चुनौती पेश करने वाली केन्या टीम को 28-24 से हराकर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। श्रीलंका की ओर से मिलिंदा चतुरंगा और साबिहान ने 6-6 अंक हासिल किए, विदुरंगा ने 4 अंक का योगदान दिया और डिफेंस में माडे द्विकी संजया ने 5 टैकल अंकों के साथ अहम भूमिका निभाई। केन्या की ओर से हेल्विक वंजाला ने सर्वाधिक 9 अंक हासिल किए, जबकि सैमुअल वाफुला ने 6 अंक का योगदान दिया। भारत फाइनल में स्पष्ट पसंदीदा के रूप में उतरेगा, लेकिन श्रीलंका की सेमीफाइनल जीत ने दिखाया है कि वह इस मौके से दबाव में नहीं आएगा।