न्यूजीलैंड ए के खिलाफ चल रही अनऑफिशियल टेस्ट सीरीज में भारत ए के बाएं हाथ के बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल का शानदार फॉर्म दूसरे मैच के पहले दिन भी जारी रहा, क्राइस्टचर्च के हेगली ओवल में उन्होंने संयमित और जिम्मेदारी भरी 80 रनों की पारी खेली। पहले मैच में 199 रन बनाने के बाद पडिक्कल ने एक बार फिर ठोस बल्लेबाजी से चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे पडिक्कल ने 140 गेंदों का सामना करते हुए अपनी पारी में 12 चौके जमाए और 100 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने दूसरे विकेट के लिए बी साई सुदर्शन (41 रन) के साथ मिलकर 91 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी निभाई और भारतीय टीम को शुरुआती झटके से उबारकर मजबूत स्थिति में पहुंचाने का प्रयास किया।

जायसवाल का चिंताजनक दौर जारी

एक तरफ जहां पडिक्कल ने अपनी बल्लेबाजी से छाप छोड़ी, वहीं सीनियर टीम के नियमित ओपनिंग बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल का खराब फॉर्म चिंता का विषय बना हुआ है। जायसवाल मैच की पहली ही ओवर में खाता खोले बिना चार गेंदों में शून्य पर आउट हो गए। आगामी न्यूजीलैंड सीरीज से पहले उनका यह लगातार तीसरा फ्लॉप शो है, इससे पहले उन्होंने सीरीज के पहले मैच में भी महज 17 और 5 रन बनाए थे।

भारतीय मध्यक्रम की शुरुआत इस मैच में कुछ खास नहीं रही। पडिक्कल के आउट होने के ठीक बाद मैदान पर उतरे स्मरण रविचंद्रन भी अपनी पहली ही गेंद पर एलबीडब्ल्यू होकर गोल्डन डक का शिकार बन गए। वहीं पहले टेस्ट की पहली पारी में शतक जमाने वाले विदर्भ के यश राठौड़ से भी बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन वे भी मात्र 13 रन बनाकर चलते बने, जिससे भारतीय पारी बीच में लड़खड़ाती नजर आई।

पडिक्कल की पारी इसलिए भी खास रही, क्योंकि उनके आसपास बल्लेबाज लड़खड़ाते रहे। जहां दूसरों को लय और संयम के लिए संघर्ष करना पड़ा, वहीं बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने धैर्य से अपनी पारी बनाई और सीरीज के दोनों मैचों में उनका फॉर्म अब चयनकर्ताओं के लिए नजरअंदाज करना असंभव हो गया है, क्योंकि भारत सीनियर सीरीज की ओर देख रहा है।