रिपोर्टों के अनुसार सीतापुर जिले में एक व्यक्ति ने 17 साल की शादी के बाद अपनी पत्नी को दूसरे व्यक्ति के साथ जाने दिया। यह एक निजी पारिवारिक मामला है और अब तक सामने आई जानकारी मुख्य रूप से पति के बताए गए बयान पर आधारित है।

17 साल पुरानी शादी

रिपोर्टों में पति की पहचान विपिन भार्गव और पत्नी की पहचान रेखा के रूप में बताई गई है। रिपोर्टों के अनुसार दोनों की शादी 12 मार्च 2009 को हुई थी और उनके दो बेटे हैं, शिवम जिनकी उम्र 16 साल है और रोहन जिनकी उम्र 14 साल है।

पति के बताए गए बयान के अनुसार उनकी पत्नी सोशल मीडिया पर रील बनाती थीं और फेसबुक के माध्यम से अंबेडकर नगर के राहुल कुमार उपाध्याय से मिलीं। पति का कहना है कि दोस्ती धीरे धीरे करीबी रिश्ते में बदली और पत्नी राहुल के साथ रहना चाहती थीं। ये दावे रिपोर्टों में पति के हवाले से सामने आए हैं, स्थापित तथ्य नहीं हैं।

करीब 22 दिन बाद लौटीं पत्नी

रिपोर्टों के अनुसार रेखा करीब 22 दिन पहले घर से चली गई थीं, जिसके बाद विपिन ने गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। बताया गया है कि वह 14 अक्टूबर को लौटीं और पति के बयान के अनुसार उन्होंने राहुल के साथ रहने की इच्छा जताई।

पति मंदिर तक साथ गया

रिपोर्टों के अनुसार तहसील में कागजी कार्रवाई पूरी की गई। इसके बाद विपिन उनके साथ एक हनुमान मंदिर गए, जहां बताया गया है कि रेखा और राहुल ने एक दूसरे को माला पहनाई।

रिपोर्टों के अनुसार इसके बाद पति ने उन्हें वाहन में बैठने में मदद की और वह राहुल तथा साथियों के साथ दिल्ली के लिए रवाना हो गईं। पति ने कथित तौर पर कहा है कि वह अपने दो बेटों के साथ आगे बढ़ना चाहता है।

दो बेटों को लेकर क्या जानकारी है

दंपति के दो बेटे 16 और 14 साल के हैं। रिपोर्टों में बच्चों की मौजूदा रहन सहन की व्यवस्था को लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई है और बच्चों का हित इस मामले का अहम पहलू है।

निजी फैसले पर क्यों हो रही है चर्चा

यह कथित फैसला शादी की लंबी अवधि और जिस तरह से अलगाव की जानकारी सामने आई, उसके कारण चर्चा में है। साथ ही अब तक उपलब्ध जानकारी मुख्य रूप से रिपोर्टों और पति के बयान पर आधारित है और इस पारिवारिक मामले के अन्य पक्षों की विस्तृत जानकारी रिपोर्टों में सामने नहीं आई है।

अब आगे क्या होगा

मंदिर में हुई रस्म से अपने आप कानूनी रूप से वैध तलाक साबित नहीं होता। शादी की कानूनी स्थिति कानूनी प्रक्रिया और रिकॉर्ड पर निर्भर करती है और रिपोर्टों में तलाक की प्रक्रिया पूरी होने की पुष्टि नहीं की गई है।

आगे की स्पष्टता कानूनी रिकॉर्ड और आने वाले दिनों में परिवार के फैसले पर निर्भर करेगी।