धारवाड़ में एक पेइंग गेस्ट (PG) आवास में रहने वाली महिलाओं ने सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है, क्योंकि एक शख्स को कथित तौर पर रात में नग्न अवस्था में परिसर में घुसते देखा गया। बताया गया है कि यह घटना CCTV फुटेज में कैद हुई है, जबकि निवासियों का आरोप है कि वह शख्स महिलाओं के अंतर्वस्त्र भी चुराता था और आपत्ति करने पर उन्हें धमकी देता था।

यह घटना कर्नाटक के धारवाड़ के सप्तापुर इलाके की बताई गई है। 22 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, ऐसी घटनाएं कथित तौर पर करीब तीन महीने से हो रही थीं, जिससे PG में रहने वाली महिलाएं अपनी सुरक्षा और निजता को लेकर चिंतित हैं।

CCTV फुटेज में कैद हुई कथित घुसपैठ

रिपोर्ट के अनुसार, CCTV फुटेज में एक शख्स रात में बिना कपड़ों के PG परिसर में घुसता हुआ दिखा है। आवास में रहने वाली महिलाओं का आरोप है कि वह शख्स बार बार परिसर में घुसता था और बाहर सूखने के लिए टांगे गए अंतर्वस्त्र उठा ले जाता था।

निवासियों का यह भी आरोप है कि जब वे आपत्ति करती थीं या शोर मचाती थीं, तो वह शख्स उन्हें धमकी देकर चला जाता था। इस फुटेज ने आवास की सुरक्षा व्यवस्था और पढ़ाई या नौकरी के लिए परिवार से दूर रहने वाली महिलाओं की सुरक्षा की जरूरत पर फिर से ध्यान खींचा है।

महिलाओं की पहचान और गिरफ्तारी की मांग

इन कथित घटनाओं के बाद निवासियों ने मांग की है कि पुलिस CCTV फुटेज में दिख रहे शख्स की पहचान करे और आरोप साबित होने पर उचित कानूनी कार्रवाई करे। इस घटना ने महिला PG आवासों में प्रवेश नियंत्रण, रात की सुरक्षा और निजता को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।

ऐसे आवासों की निवासी सुरक्षित परिसर, ठीक से काम करने वाले तालों और प्रभावी निगरानी पर निर्भर रहती हैं। PG संचालकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रवेश बिंदुओं पर निगरानी हो और कोई अनधिकृत व्यक्ति परिसर में घुसे तो निवासी तुरंत सुरक्षा कर्मियों या पुलिस से संपर्क कर सकें।

पुलिस जांच की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं

रिपोर्ट के अनुसार, यह इलाका धारवाड़ उपनगरीय पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आता है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट से यह पुष्टि नहीं होती कि कोई औपचारिक शिकायत दर्ज हुई है या नहीं, पुलिस ने CCTV फुटेज की जांच पूरी की है या नहीं, और किसी संदिग्ध की पहचान या गिरफ्तारी हुई है या नहीं।

मामले की मौजूदा स्थिति जानने के लिए ये जानकारियां जरूरी हैं। इसलिए आरोपों को तब तक रिपोर्ट किए गए दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए, जब तक पुलिस के आधिकारिक बयान या आगे की जांच से उनकी पुष्टि नहीं हो जाती। आगे के मुख्य कदम पुलिस शिकायत की पुष्टि, फुटेज का सत्यापन और किसी संदिग्ध की पहचान या गिरफ्तारी पर आधिकारिक अपडेट होंगे।