मुंबई में BMW चला रही एक महिला को कैमरे में एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी से बहस करते हुए देखा गया, जो उसकी कार के सामने खड़ा था और बार-बार उसे रुकने के लिए कह रहा था। पुलिसकर्मी की चेतावनियों के बावजूद वह गाड़ी को धीरे-धीरे आगे बढ़ाती रही, मानो गाड़ी से उसे पीछे धकेल रही हो, इसके बाद उसने अपने आसपास के लोगों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया।

यह वीडियो एक्स यूजर लक्ष्य मेहता ने साझा किया और इसमें व्यस्त सड़क पर तनावपूर्ण टकराव दिख रहा है। क्लिप के साथ लगे कैप्शन के अनुसार महिला ने कथित तौर पर जुहू में एक स्कूटर, एक मोटरसाइकिल और एक कार को टक्कर मारने के बाद मौके से भागने की कोशिश की थी।

वीडियो में क्या दिख रहा है

वीडियो में एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी BMW के ठीक सामने खड़ा दिख रहा है, उसके हाथ कार के बोनट पर रखे हैं, जबकि महिला धीरे-धीरे उसकी ओर गाड़ी चलाती रही। वह बार-बार उसे रुकने के लिए कहता रहा, "मैडम, कृपया गाड़ी चलाना बंद करें। गाड़ी रोकें।" हालांकि, महिला ने उसकी चेतावनियों को नजरअंदाज किया और उस पर चिल्लाते हुए आगे बढ़ती रही। एक राहगीर, जो पहले से ही अपने फोन पर टकराव रिकॉर्ड कर रही थी, फिर वाहन के पास आई और महिला से रुकने के लिए कहा।

महिला ने दूसरी महिला की ओर बेरुखी से हाथ हिलाया, जिसके बाद वह महिला कार के पास गई और उसका पिछला दरवाजा खोलकर फिर रुकने का आग्रह किया। इस बीच महिला ने अपना फोन निकाला और अपने आसपास के लोगों को रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया, यह दावा करते हुए कि उसे परेशान किया जा रहा है। मेहता ने अपने पोस्ट के कैप्शन में बताया कि महिला के कई वाहनों को टक्कर मारने और मौके से भागने की कोशिश के बाद ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने हस्तक्षेप किया था। इसमें आगे दावा किया गया कि आसपास के लोगों ने आखिरकार हस्तक्षेप करके उसे रोका और कार के दरवाजे खोले, लेकिन वह पुलिस और उसका सामना करने वालों को दोष देती रही।

सोशल मीडिया पर कैसी प्रतिक्रिया हुई

वीडियो पर ऑनलाइन तीखी प्रतिक्रियाएं आईं, कई यूजर्स ने महिला के कथित व्यवहार की आलोचना की और सवाल किया कि वह पुलिसकर्मी के सीधे अपनी गाड़ी के सामने खड़े होने के बावजूद गाड़ी क्यों चलाती रही। कुछ ने इसकी तुलना अमेरिका में होने वाली प्रतिक्रिया से की और तर्क दिया कि वहां पुलिस ड्राइवर को कार से बाहर निकाल लेती। अन्य ने पुलिसकर्मी की सुरक्षा पर चिंता जताई और कहा कि चलती गाड़ी को रोकने की कोशिश में वह गंभीर रूप से घायल हो सकता था या कुचला जा सकता था। कुछ यूजर्स ने अधिकार की भावना की भी आलोचना और कहा कि लोगों को पुलिस के निर्देशों की अवहेलना करने और फिर टकराव को उत्पीड़न का आरोप बनाकर पेश करने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए।