कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से जुड़े स्टिंग ऑपरेशन का विवाद शुक्रवार को और तेज हो गया, जब उनके बेटे और राज्य के मंत्री यतींद्र सिद्धारमैया ने आरोप लगाया कि यह ऑपरेशन अंदर के लोगों ने उनके पिता की छवि खराब करने के लिए किया था। यतींद्र ने कहा कि इसका मकसद सिद्धारमैया की 40 साल की राजनीतिक विरासत को खत्म करना और उन्हें ब्लैकमेल करना था।

उन्होंने कहा कि जांच से यह स्पष्ट होगा कि वीडियो में दिखने वाले लोगों ने यह काम खुद किया था या किसी और के कहने पर। इस मामले में अब तक एक पत्रकार समेत दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ हुई है और एक मीडिया व्यक्ति को पूछताछ के लिए बुलाया गया है।

स्टिंग वीडियो को लेकर यतींद्र ने क्या आरोप लगाए?

मैसूरु में मीडिया से बात करते हुए यतींद्र ने कहा कि वीडियो में कथित तौर पर कुछ कांग्रेस नेताओं और एक वरिष्ठ मीडिया व्यक्ति की संलिप्तता दिखती है, इसलिए यह जांच जरूरी है कि स्टिंग ऑपरेशन किन परिस्थितियों में किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि ऑपरेशन उनके पिता की छवि खराब करने, उनकी विरासत खत्म करने और उन्हें ब्लैकमेल करने के लिए किया गया और जांच में यह पता चलना चाहिए कि इसमें शामिल लोगों ने यह खुद किया या किसी ने उनसे करवाया।

कांग्रेस नेताओं की कथित संलिप्तता पर पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इशारा एक महिला नेता की ओर है, जिनकी भूमिका वीडियो में कथित तौर पर नजर आई है। उनके अनुसार, वह महिला पुत्तूर विधानसभा सीट से कांग्रेस टिकट मांगने की बात कह चुकी थीं और प्रथम दृष्टया ऑपरेशन इसी वजह से किया गया हो सकता है। साथ ही उन्होंने कहा कि सिर्फ एक पार्टी कार्यकर्ता के शामिल होने से यह नहीं कहा जा सकता कि पूरी पार्टी ने उनके खिलाफ साजिश की, और उन्हें किसी खास व्यक्ति पर शक नहीं है।

सिद्धारमैया ने सरकार से क्या कहा है?

यतींद्र ने कहा कि उनके पिता ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और गृह मंत्री प्रियांक खरगे से साफ कहा है कि जांच प्रभावी तरीके से हो और ऑपरेशन के पीछे जो भी हो, पहचान की परवाह किए बिना उसे गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने कहा कि सिद्धारमैया को हिरासत और मीडिया व्यक्ति को बुलाए जाने की जानकारी दी गई है।

जारी जांच में भरोसा जताते हुए यतींद्र ने कहा कि सरकार पारदर्शी जांच के लिए प्रतिबद्ध है और पुलिस मामले को सही तरीके से संभाल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर जांच ठीक से नहीं हुई, तो वे उच्च स्तरीय जांच की मांग करेंगे।

स्टिंग विवाद का सिद्धारमैया पर क्या असर पड़ा?

यतींद्र ने कहा कि उनके पिता अपने खिलाफ फैलाई गई झूठी रिपोर्टों और आरोपों से आहत हैं। उन्होंने कहा कि सिद्धारमैया ने राजनीति में करीब 40 साल बिताए हैं और इस तरह के आरोप कभी नहीं लगे, इसलिए करियर के अंतिम पड़ाव पर ऐसे आरोप उभरना दुख की बात है। उनके मुताबिक, सच्चाई उनके साथ है और जांच में तथ्य सामने आने पर वह सामने आएगी।

उन्होंने अपनी मां की प्रतिक्रिया पर भी बात की और कहा कि उन्हें विवरण की जानकारी नहीं है और वह फिलहाल मैसूरु में हैं, और जब उन्हें बताया जाएगा कि उनके पिता ने कुछ गलत नहीं किया, तो वह मान जाएंगी। यतींद्र के बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी सिद्धारमैया से जुड़ा स्टिंग वीडियो जारी करने में मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की भूमिका का आरोप लगा चुके हैं, जिसे शिवकुमार ने सिरे से नकारते हुए मामले की जांच के आदेश दिए हैं।