केरल क्राइम ब्रांच ने केरल लोक सेवा आयोग की भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं पर नया मामला दर्ज किया है, जिसमें 45 प्रश्न ऑनलाइन अध्ययन सामग्री से हूबहू नकल किए गए पाए गए हैं। यह मामला सहायक मोटर वाहन निरीक्षक पदों की परीक्षा से जुड़ा है और आयोग द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की व्यापक जांच का हिस्सा है।
यह मामला शुक्रवार को एर्नाकुलम जिले के पेरुंबवूर निवासी राहुल राज की शिकायत के बाद अज्ञात केरल PSC अधिकारियों के खिलाफ दर्ज किया गया। प्रथम सूचना रिपोर्ट के अनुसार कथित अनियमितताओं में निर्धारित शारीरिक मानकों को पूरा न करने वाले उम्मीदवारों को अनुमति देना और आवेदन की अंतिम तिथि से पहले पात्र योग्यताओं की सूची में दो पाठ्यक्रम जोड़ना शामिल था, हालांकि ये भर्ती अधिसूचना में निर्दिष्ट नहीं थे।
रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि 45 परीक्षा प्रश्न स्कैमवेदा ऑनलाइन स्टडी मैटेरियल्स और सैनफाउंड्री डॉट कॉम सहित ऑनलाइन अध्ययन सामग्री प्लेटफार्मों से हूबहू नकल किए गए थे। इसमें कहा गया कि कथित अनियमितताओं के कारण 2 सितंबर 2024 को प्रकाशित रैंक सूची से अपात्र उम्मीदवारों का चयन हुआ, जिससे पात्र उम्मीदवार रोजगार के अवसरों से वंचित रह गए। यह मामला भारतीय न्याय संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया है।
मत्स्य अधिकारी मामले में PSC अध्यक्ष और सदस्य आरोपी
एक अन्य मामले में क्राइम ब्रांच ने मत्स्य विभाग में मत्स्य विस्तार अधिकारी पदों की भर्ती परीक्षा को लेकर PSC अध्यक्ष, सदस्यों और अधिकारियों को आरोपी बनाया है, जिसकी अधिसूचना अगस्त 2020 में जारी हुई थी। 28 अक्टूबर को दर्ज यह मामला 28 नवंबर 2022 को प्रकाशित और 28 नवंबर 2025 तक वैध रैंक सूची से जुड़ा है।
क्राइम ब्रांच ने आरोप लगाया कि रैंक सूची में KUFOS के उन उम्मीदवारों को तरजीह दी गई, जो PSC अध्यक्ष, सदस्यों और CPI(M) के प्रति सहानुभूति रखने वाले अधिकारियों के करीबी थे। इससे कथित तौर पर पात्र उम्मीदवारों को समान अवसर नहीं मिले और भर्ती निकाय में जनता का भरोसा कमजोर हुआ। क्राइम ब्रांच ने खादी बोर्ड व ग्राम तेल निरीक्षक और राज्य योजना बोर्ड से जुड़े पदों पर भर्ती में कथित अनियमितताओं व भाई-भतीजावाद पर भी दो मामले दर्ज किए हैं।
राज्य योजना बोर्ड मामला जांच को कैसे व्यापक बनाता है
राज्य सरकार ने राज्य योजना बोर्ड पदों के लिए PSC भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए क्राइम ब्रांच विशेष जांच दल का गठन किया था। जांच में पाया गया कि अर्थशास्त्र के 10 वर्णनात्मक प्रश्न, जिनके कुल 58 अंक थे, ऑन स्क्रीन मार्किंग प्रणाली में त्रुटियों के कारण उचित मूल्यांकनकर्ताओं को सौंपे ही नहीं गए थे। नतीजतन उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन नहीं हुआ।
श्याम कृष्णा की शिकायत के बाद पुनर्मूल्यांकन किया गया, जिन्होंने शुरुआत में तीसरी रैंक हासिल की थी। पुनर्मूल्यांकन के बाद वह पहली रैंक पर पहुंच गए, जबकि शुरुआत में पहले स्थान पर रहे अरुण जे प्रदीप पांचवें स्थान पर खिसक गए। इसके बाद क्राइम ब्रांच ने जांच का दायरा अन्य PSC भर्ती परीक्षाओं तक बढ़ा दिया। दो PSC अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि जांच दल ने PSC अध्यक्ष एमआर बैजू और अन्य सदस्यों से पूछताछ की।
व्यापक होती जांच में अब सहायक मोटर वाहन निरीक्षक, मत्स्य विस्तार अधिकारी और राज्य योजना बोर्ड पदों सहित कई PSC भर्ती परीक्षाएं शामिल हैं, जिनमें नकल किए गए प्रश्न, योग्यता व मूल्यांकन अनियमितताओं और भाई-भतीजावाद के आरोपों वाले मामले हैं।