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भगवान कोई अभिनय नहीं: आस्था और श्रद्धा पर सवाल उठाती हिंदी कविता
Dot Times पर प्रस्तुत स्वरचित हिंदी कविता 'भगवान कोई अभिनय नहीं' आस्था को केवल वेशभूषा या मंच तक सीमित मानने के बजाय उसके आंतरिक भाव पर जोर देती है।
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Dot Times पर प्रस्तुत स्वरचित हिंदी कविता 'भगवान कोई अभिनय नहीं' आस्था को केवल वेशभूषा या मंच तक सीमित मानने के बजाय उसके आंतरिक भाव पर जोर देती है।